हिमाचल में 976 दिनों से धरने पर बैठे दृष्टिबाधितों का फूटा गुस्सा, सचिवालय के बाहर चक्का जाम

शिमला; हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले 976 दिनों से आंदोलनरत दृष्टिबाधितों का धैर्य मंगलवार को जवाब दे गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने राज्य सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया. अचानक हुए इस चक्का जाम से राजधानी की रफ्तार कुछ समय के लिए थम गई और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई.

प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब मौके पर तैनात पुलिस बल ने जाम खुलवाने और प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस और दृष्टिबाधित प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई. हालांकि, बाद में पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हालात को नियंत्रित किया और बाधित यातायात को फिर से बहाल करवाया.

सरकार पर अनदेखी का आरोप
दृष्टिबाधित जन संगठन के सचिव राजेश ठाकुर ने राज्य सरकार पर उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से सरकारी विभागों में दृष्टिबाधितों के लिए आरक्षित बैकलॉग के लगभग 1100 पदों को भरने और आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहा है. उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 976 दिनों के लंबे और शांतिपूर्ण धरने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है.

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
संगठन के सचिव राजेश ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक प्रदेश सरकार दृष्टिबाधितों की जायज मांगों को पूरा नहीं करती, उनका यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा. उन्होंने कहा, “बार-बार मांगें उठाने के बावजूद सरकार हमारी सुनवाई नहीं कर रही है. इसी बेरुखी के कारण आज हमें मजबूर होकर चक्का जाम जैसे कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं.”

बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है; इससे पहले भी यह संगठन अपनी मांगों को लेकर राज्य सचिवालय के बाहर कई बार चक्का जाम कर अपना विरोध दर्ज करवा चुका है.