छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है. अब राज्य में बिजली का इस्तेमाल करने वाले सभी उपभोक्ताओं की जेब पर बड़ा असर पड़ने वाला है. दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने बिजली की नई दरें जारी की हैं जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं पर भार बढ़ने वाला है. CSERC द्वारा जारी नई दरों के तहत घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है. वहीं, कमर्शियल बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी होने वाली है. इसके अलावा, कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.
बिजली की नई दरें 1 जुलाई से होंगी लागू
दूसरी ओर, गैर-सब्सिडी कृषि पंपों को बड़ी राहत मिली है. विद्युत नियामक आयोग ने ऊर्जा प्रभार पर छूट 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दी है. बिजली की ये नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी.
अस्पतालों और आदिवासी इलाकों में मिलेगी रियायत
दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार (15 जून) को राज्य में सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. साथ ही, महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों, अस्पतालों और आदिवासी इलाकों के लिए कई रियायतें बरकरार रखी गई हैं.
आयोग ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम तथा डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 10 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है.
24 प्रतिशत बढ़ोतरी की थी मांग
यह बढ़ोतरी राज्य की बिजली वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मांगी गई 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की तुलना में काफी कम है. आयोग ने कहा कि संशोधित दरों को मंजूरी वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित राजस्व की जरूरत को पूरा करने के लिए दी गई है. साल 2026-27 के लिए वितरण कंपनी ने 8.40 रुपये प्रति यूनिट औसत विद्युत प्रदाय दर का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. विश्लेषण के बाद आयोग ने औसत विद्युत प्रदाय दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट स्वीकृत की है.
साल 2026-27 के लिए वर्तमान शुल्क (टैरिफ) के आधार पर औसत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट अनुमानित की है, जो कि औसत लागत दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट से 42 पैसे कम है. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, जिससे राज्य के लगभग 60 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे.