मुजफ्फरनगर: ‘मोमोज’ को लेकर खूनी संघर्ष, फूड इंस्पेक्टर करेंगे सैंपलिंग, दुकानदार ने सीएम से लगाई गुहार

मुजफ्फरनगर। छपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध रामपुर तिराहे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक फास्ट फूड की दुकान पर मोमोज की गुणवत्ता को लेकर ग्राहक और दुकानदार आपस में भिड़ गए। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों के बीच जमकर गाली-गलौज और लात-घूंसे चले। इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। जहाँ एक तरफ पीड़ित दुकानदार ने सीधे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपनी जान की सुरक्षा और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का दावा है कि मोमोज वाकई खराब थे और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।

शराब के नशे में आए युवकों ने दबाया गला
तितावी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी देशराज निवासी प्रवीण कुमार, जो रामपुर तिराहे पर ‘बॉम्बे कन्फेक्शनरी एवं फास्ट फूड’ के नाम से दुकान चलाते हैं, ने 15 जून को मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में प्रवीण ने आरोप लगाया कि 14 जून की शाम करीब छह बजे पड़ोस के ही रहने वाले कार्तिक, आयुष और लक्की उनकी दुकान से मोमोज खरीदकर ले गए थे। आरोप है कि रात करीब नौ बजे ये तीनों युवक शराब के अत्यधिक नशे में दुकान पर आए और मोमोज को खराब बताते हुए गाली-गलौज करने लगे। देखते ही देखते आरोपियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और इसी बीच आयुष नाम के युवक ने जान से मारने की नीयत से उनका गला दबा दिया। शोर मचने पर आसपास के दुकानदारों ने बीच-बचाव कर प्रवीण की जान बचाई। दुकानदार का कहना है कि 112 नंबर पर कॉल करने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

मोमोज से आ रही थी तेज बदबू’
इस पूरे मामले पर छपार थाना प्रभारी मोहित सहरावत ने अखबार को बताया कि 14 जून की रात को यूपी 112 पर किसान यूनियन (टिकैत) से जुड़े एक पदाधिकारी ने सूचना दी थी कि वे रामपुर तिराहे पर मोमोज खा रहे थे, जो पूरी तरह सड़ चुके थे और उनसे भयंकर बदबू आ रही थी।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे उप निरीक्षक राजकुमार ने जब खुद मोमोज की जांच की, तो उसमें से वास्तव में स्मेल आ रही थी। इसी बात को लेकर ग्राहकों और दुकानदार के बीच झड़प हुई थी। पुलिस ने उस समय दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया था।