RBI Guidelines: RBI अपने ग्राहकों की सुरक्षा और उनकी सहूलियतों का बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखता है. इसके लिए केंद्रीय बैंक के द्वारा बैंकों को समय- समय पर कई तरह के दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं. इसी तरह हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से बैंकों सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने ग्राहकों को किसी भी तरह से गुमराह ना करें. यदि कोई बैंक ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसके ऊपर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.
RBI ने क्या कहा?
दरअसल हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं. जिनके तहत अब कोई भी बैंक ग्राहकों को किसी भी तरह की कोई स्कीम नहीं थोप सकता और ना ही ग्राहकों को गुमराह करके ऐसा कुछ किया जा सकता है. RBI ने 15 जून 2026 को ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक) का दूसरा अमेंडमेंट निर्देश 2026’ जारी किया है. ये निर्देश सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होते हैं.
इसमें स्मॉल फाइंनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और लोकल एरिया बैंक के लिए अलग- अलग गाइडलाइंस हैं. RBI के ये निर्देश 1 जनवरी, 2027 से लागू हो जाएंगे. इस निर्देश के बाद से बैंको को अपनी व्यवस्था में सुधार लाने के लिए साढ़े छह महीने का वक्त दिया जाएगा.
बैंकों के लिए दिशा निर्देश
RBI ने जो बैंकों को दिशा निर्देश दिए हैं, उनमें:
बैंकों को अपनी वेबसाइट पर सभी एम्पैनल्ड DSA और DMA की अपडेटेड लिस्ट पब्लिश करना होगी, किसी भी बदलाव के सात दिनों के अंदर इसे अपडेट करना होगा.
बैंक ब्रांच को अपने स्टाफ, एजेंट या थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट रिप्रेजेंटेटिव में अंतर दिखाना होगा. फिर चाहे वो ड्रेस से ह या आईडी से.
DSA और DMA से लिखित अंडरटेकिंग लें कि वे और उनके सब-एजेंट बैंक के ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ का पालन करेंगे.
उस ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ को बैंक की वेबसाइट पर सबके लिए दिखाना होगा.
एजेंट ग्राहकों से सिर्फ सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही संपर्क कर सकते हैं.
ग्राहक की मंजूरी के बिना उनके घर या ऑफिस नहीं जा सकते. वे खुद को बैंक कर्मचारी के तौर पर पेश नहीं कर सकते.
कोई भी थर्ड पार्टी कर्मी बैंक का स्टाफ होने का दावा नहीं कर सकता और ना ही बैंक के कोई वादा कर सकता है.
ग्राहकों को कैसे गुमराह करते हैं बैंक?
बता दें कि ये कार्रवाई RBI ने इसलिए की है क्योंकि बैंकों के द्वारा ग्राहकों को अक्सर किसी ना किसी तरह से गुमराह किया जाता है. जैसे कोई ग्राहक बैंक में किसी तरह की पूछताछ के लिए जाता है लेकिन उसे कोई स्कीम या इंश्योरेंस पॉलिसी पकड़ा दी जाती है. इसके अलावा ऑनलाइन सर्विसेज में भी कई तरह की मिसलीडिंग चीजें होती हैं, जिसे क्लिक करते ही बिना कॉन्सेंट के कोई प्रोडक्ट ग्राहक को मिल जाता है. ऐसी चीजों से ग्राहकों को बचाने के लिए RBI ने ये दिशा निर्देश जारी किए हैं.