महिला का 5 बार हुआ मिसकैरेज, जांच में पत‍ि-पत्‍नी की 1 आदत न‍िकली वजह

बार-बार मिसकैरेज का दर्द सहना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता। हालांकि, हर बार इसकी वजह कोई मेडिकल कंडीशन ही हो, यह जरूरी नहीं है। कई मामलों में महिला या पुरुष की कुछ गलत आदतें भी प्रेग्‍नेंसी पर बुरा असर डाल सकती हैं और गर्भपात का खतरा बढ़ा सकती हैं। ऐसा ही एक मामला हाल ही में गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर सुषमा मोगरी के पास पहुंचा। क्लीनिक में आई एक गर्भवती महिला की जांच के दौरान पता चला कि उसका पांचवें महीने में ही मिसकैरेज हो गया है। महिला का यह पहला नहीं, बल्कि कई बार गर्भपात हो चुका था। जब डॉक्टर ने इसकी वजह जानने की कोशिश की, तो एक पत‍ि-पत्‍नी की ऐसी आदत सामने आई जिसने गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास को प्रभावित किया और बार-बार मिसकैरेज की नौबत ला दी। आइए जानते हैं डॉक्टर ने इस मामले में और क्या बताया।

पांच बार मह‍िला का हुआ म‍िसकैरेज
गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर सुषमा मोगरी एक महिला का चेकअप करते हुए कहती हैं, ‘अरे, तुम्हारा तो पूरा पानी निकल गया है और बच्चेदानी का मुंह भी खुल गया है, जबकि तुम्हारी प्रेग्नेंसी अभी सिर्फ पांच महीने ही हुई है। बताओ, इससे पहले कितने बच्चे खराब हुए हैं तुम्हारे?’ महिला बताती हैं कि, ‘मैम, दो बच्चे खराब हो गए हैं।’ इस पर डॉक्टर सुषमा मोगरी कहती हैं, ‘दो कहां हुए हैं, चार–पांच बार म‍िसकैरेज हो चुका है।’

तीन- तीन महीने में ग‍िर गया था बच्‍चा
वह आगे कहती हैं कि दो बार लगभग तीन-तीन महीने में ही गर्भ गिर गया था, यानी शुरुआती अवस्था में ही बच्‍चा ग‍िर गया। इसके अलावा एक बार सात महीने में भी गर्भपात हुआ था। एक बार गर्भ में बच्चा ठीक से नहीं बन पाया था। इस तरह डॉक्टर स्पष्ट करती हैं कि महिला को लगभग पांच–छह बार म‍िसकैरेज हो चुका है।

मह‍िला बीड़ी पीती है
डॉक्टर मोगरी महिला के साथ मौजूद एक अन्य रिश्तेदार से पूछती हैं, ‘एक बात बिल्कुल साफ-साफ बताओ, यह कितने सालों से गुटखा खाती है और बीड़ी पीती है?’ इस पर महिला जवाब देती है, ‘यह बच्चे कंसीव करने के बाद से नहीं खा रही है।’ डॉक्टर फिर पूछती हैं, ‘तो इससे पहले तो खाती थी न?’ इस पर महिला हां में सिर हिला देती है। इसके बाद विशेषज्ञ पूछती हैं, ‘क्या इनके पति भी स्मोकिंग करते हैं?’

स्‍मोक‍िंग से गर्भ में श‍िशु पर बुरा असर पड़ता है
गाइनेकोलॉजिस्ट अंत में समझाती हैं कि अगर कोई कपल बच्चे की प्लानिंग के दौरान स्मोकिंग या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करता है, तो इसका बच्चे पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। डॉक्टर कहती हैं, ‘आप खुद देख चुके हैं कि कितनी बार बच्‍चा खराब हो चुका है, जबकि हमने कई बार दवाइयां और इलाज किया, लेकिन फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।’

बच्‍चे तक नहीं पहुंचने देत हैं ब्‍लड फ्लो
वह आगे बताती हैं कि तंबाकू और सिगरेट में मौजूद निकोटिन और अन्य हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो बच्चे तक सही ब्लड फ्लो और जरूरी न्यूट्रिएंट्स को पहुंचने नहीं देते हैं। इसकी वजह से गर्भ में बच्चे का विकास प्रभावित होता है और मिसकैरेज की नौबत आ सकती है। इसीलिए डॉक्टर महिला से कहती हैं कि अब आज से इस आदत से पूरी तरह तौबा कर लो।