Sensex and Nifty Crash: ग्लोबल शेयर मार्केट से मिले कमजोर संकेत और दिग्गज आईटी कंपनी एक्सेंचर (Accenture) की तरफ से सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान में कटौती किये जाने के बाद घरेलू शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है. कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली हावी रही. इसी का असर रहा कि कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखी गई. 500 अंक से भी ज्यादा की गिरावट के साथ खुला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 800 अंक से भी ज्यादा टूट गया. इसी तरह निफ्टी सूचकांक 250 अंक से ज्यादा टूटकर 24000 अंक के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से नीचे आ गया.
दिग्गज IT कंपनी इंफोसिस, टीसीएस (TCS) और एचसीएल टेक (HCL Tech) के शेयरों में कमजोरी देखी जा रही है. आईटी कंपनियों के शेयर में गिरावट को देखकर निवेशकों के बीच डर का माहौल है. एक्सेंचर की तरफ से कमजोर आउटलुक जारी किये जाने के बाद दुनिया के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में मांग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इसका सीधा असर भारतीय टेक कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ा है. शेयर बाजार में आज आई गिरावट का सबसे बड़ा शिकार निफ्टी IT इंडेक्स बना. एक ही कारोबारी सत्र में यह करीब 6.5 प्रतिशत तक टूट गया.
आईटी कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट
इसके मुकाबले बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 में एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. खास बात यह रही कि निफ्टी IT इंडेक्स में शामिल सभी कंपनियों के स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. बिकवाली का असर यह हुआ कि दिग्गज टेक कंपनी इंफोसिस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ और इसका शेयर 7.5 प्रतिशत तक गिर गया. इंफोसिस के अलावा टेक महिंद्रा, परसिस्टेंट सिस्टम्स और टीसीएस के शेयर में भी 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है. एचसीएल टेक, कोफोरज और एलटीएम के शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए.
ग्लोबल टेक स्टॉक्स में भी आई गिरावट
देश की दिग्गज टेक कंपनियों पर पड़ा यह निगेटिव असर ग्लोबल टेक स्टॉक्स में आई गिरावट का नतीजा रहा. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर एक्सेंचर के कमजोर गाइडेंस की खबर आते ही इंफोसिस और विप्रो के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में 10 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई. इसके अलावा कॉग्निजेंट के शेयरों में 10 प्रतिशत से ज्यादा, आईबीएम (IBM) में 5 प्रतिशत से ज्यादा और कैपजेमिनी का शेयर 8.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए. एक्सेंचर के शेयरों में तिमाही रिपोर्ट और नए रेवेन्यू गाइडेंस के जारी होने के बाद 17 प्रतिशत से ज्यादा का भारी क्रैश देखा गया.