वैष्णो देवी यात्रा पर गंदगी का ग्रहण, 20 दिन से हड़ताल पर सफाईकर्मी, श्रद्धालु बदबू-गंदगी झेलने को मजबूर

कटड़ा। आधार शिविर कटड़ा में पिछले करीब 20 दिनों से नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की जारी हड़ताल के चलते पूरा नगर गंदगी की चपेट में आ गया है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि देशभर से मां वैष्णो देवी के दर्शनों के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं का स्वागत अब आस्था नहीं बल्कि जगह-जगह लगे कचरे के ढेर और बदबूदार वातावरण से हो रहा है।

वर्तमान में मां वैष्णो देवी यात्रा पूरी रफ्तार पर है और प्रतिदिन करीब 40 से 50 हजार श्रद्धालु कटड़ा पहुंच रहे हैं। लेकिन नगर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण कटड़ा का मुख्य बस अड्डा, उधमपुर मार्ग, मुख्य बाजार, बाणगंगा मार्ग, जम्मू मार्ग, अंतरराज्यीय बस अड्डा और रेलवे मार्ग सहित कई प्रमुख इलाके कचरे के ढेरों में तब्दील हो चुके हैं।

स्थिति यह है कि नालियों और नालों की सफाई न होने से गंदा पानी लगातार सड़कों पर बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और वातावरण प्रदूषित हो गया है। श्रद्धालुओं को मजबूरन मुंह ढककर भवन की ओर रवाना होना पड़ रहा है। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद हालात और अधिक खराब हो गए। मुख्य बाजार और बस अड्डा क्षेत्र में जाम नालियों से गंदा पानी सड़क पर बहता रहा, जिससे दुकानदारों और श्रद्धालुओं दोनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने लगे
हालांकि प्रशासन और नगर पालिका अधिकारी इस गंभीर समस्या से पूरी तरह परिचित हैं, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा। बीते दिनों प्रशासन की सहायता से कुछ स्थानों से कचरा उठाया गया था, लेकिन एक बार फिर शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने शुरू हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी आमद के चलते कटड़ा नगर में प्रतिदिन लगभग 50 से 60 टन कचरा एकत्रित हो रहा है, लेकिन उसे उठाने और शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने को लेकर प्रशासन और नगर पालिका की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

नगरवासियों का कहना है कि हड़ताल अस्थायी कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर की जा रही है, लेकिन स्थायी कर्मचारी भी काम पर क्यों नहीं आ रहे, यह बड़ा सवाल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था को जल्द बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को गंदगी से राहत मिल सके।