मुजफ्फरनगर: यहां सोमवार को देर रात पुलिस और एसओजी टीम के साथ हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामी बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू घायल हो गया, बाद में उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान बदमाश की गोली लगने से एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपहृत नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया है।
एसपी सिटी ने सत्तू के मरने की पुष्टि की है। बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू को चार राज्यों की पुलिस तलाश रही थी। वह छोटा राजन गैंग का था सदस्य था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उस पर लूट ,हत्या, रंगदारी, रेप और गैंगरेप के दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में देर रात में हु मुठभेड़ में वह मारा गया।
सत्तू ने 19 जून को नाबालिग लड़की का अपहरण किया था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 19 जून को थाना सिविल लाइन क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि एक व्यक्ति उसे कार में बिठाकर अपने साथ ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने 10 विशेष टीमों का गठन किया था। जांच के दौरान करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसके बाद आरोपी की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू के रूप में हुई।
बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर हुई मुठभेड़
सोमवार को देर रात पुलिस और एसओजी टीम बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ओरा कार को रोकने का प्रयास किया। उसमें बदमाश सतपाल था। खुद को घिरता देखकर बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से सतपाल घायल हो गया। वहीं बदमाश की गोली से सब इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित भी घायल हो गए। तीनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर हालत में सतपाल को मेरठ हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई।
सत्तू लुधियाना से हुआ था फरार
पुलिस जांच में सामने आया है कि सतपाल उर्फ सत्तू चंडीगढ़ का रहने वाला था और चार राज्यों तथा एक केंद्र शासित प्रदेश की पुलिस को उसकी तलाश थी। वह करीब 15 वर्ष विभिन्न जेलों में रह चुका था और फरवरी 2026 में लुधियाना जेल से फरार हो गया था।
नाबालिग लड़कियों का करता था अपहरण
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जेल से फरार होने के बाद पिछले चार महीनों में उसने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में नाबालिग लड़कियों के अपहरण की वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस का दावा है कि उसने दस से अधिक नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनके साथ दुष्कर्म और कुछ मामलों में सामूहिक दुष्कर्म जैसी वारदातें भी कीं। मेरठ, सहारनपुर, करनाल और मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।
स्मार्ट फोन इस्तेमाल नहीं करता था
सत्तू शातिर बदमाश था। वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करता था और केवल कीपैड मोबाइल रखता था। उसका फोन ज्यादातर समय बंद रहता था। वह टोल प्लाजा और सार्वजनिक स्थानों से दूरी बनाकर चलता था ताकि उसकी लोकेशन और पहचान ट्रेस न हो सके। वह अपने परिवार से भी संपर्क नहीं रखता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सतपाल वर्ष 2010 में भी सुर्खियों में आया था, जब मेरठ पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। उस समय उसने खुद को रणजी क्रिकेट खिलाड़ी बताया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसके कथित तौर पर छोटा राजन गैंग से संबंध होने की जानकारी भी पूर्व में सामने आ चुकी है।
नाबालिग लड़की उसके परिजन को सौंपी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार, एक अवैध पिस्टल, कारतूस, मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड तथा अपहृत लड़की के कानों की बालियां बरामद की हैं। सबसे राहत की बात यह रही कि अपहृत नाबालिग को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि सतपाल उर्फ सत्तू लंबे समय से कई राज्यों की पुलिस और नाबालिग बच्चियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी से न केवल एक बड़े अपराधी का नेटवर्क ध्वस्त हुआ है बल्कि नाबालिग बच्चियों को भी उसके आतंक से राहत मिलेगी।