धर्मशाला: लगातार बारिश के चलते पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. गुरुवार सुबह जलस्तर 1394.85 फीट दर्ज किया गया. इससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है. बुधवार को बांध का जलस्तर 1395.24 फीट तक चला गया था, जो खतरे के निशान से 5.24 फीट अधिक रहा और बांध में 74,910 क्यूसेक पानी की आमद दर्ज हुई थी.
हालात को देखते हुए इंदौरा और फतेहपुर मंड क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है. गुरुवार सुबह छह बजे तक इनफ्लो 37,248 क्यूसेक और आउटफ्लो 59,845 क्यूसेक रहा. बांध से 42,953 क्यूसेक पानी स्पिलवे और 16,892 क्यूसेक टर्बाइन से छोड़ा गया. वहीं, सुबह नौ बजे तक इनफ्लो और आउटफ्लो दोनों 59,845 क्यूसेक दर्ज किए गए.
पौंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और रेस्क्यू टीमों को तैयार रखा गया है. लोगों से अपील है कि वa अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.अभी 60 हजार क्यूसेक पानी ब्यास में छोड़ा जा रहा है. बारिश का दौर जारी रहने पर इसे एक लाख क्यूसेक तक किया जा सकता है. पानी का स्तर बढ़ सकता है इसलिए लोग दरिया का किनारे न जाएं और सतर्कता बरतें.-विश्रुत भारती, एसडीएम फतेहपुर
पिछले सालों से ज्यादा जलस्तर
वर्ष 2025 में पौंग बांध का जलस्तर अब तक के रिकॉर्ड में सबसे अधिक दर्ज किया गया है. 16 सितम्बर को जलस्तर 1394.85 फीट, 17 सितम्बर को 1395.24 फीट और 18 सितम्बर को सुबह तक 1394.88 फीट रहा, जबकि 17 सितम्बर 2023 को जलस्तर 1387.73 फीट और 17 सितम्बर 2024 को केवल 1365.43 फीट दर्ज किया गया था. यानी इस साल बांध का जलस्तर पिछले दोनों वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है. इससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ और जलभराव का खतरा और बढ़ गया है.
कैचमेंट एरिया में बारिश
पौंग बांध के कैचमेंट क्षेत्र में बीते 24 घंटे में भारी बारिश हुई है. हरसर में 84.80 मिलीमीटर, नागरोटा सुरियां में 45.00 मिलीमीटर, शाहपुर में 34.20 मिलीमीटर और पालमपुर में 28.40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई है, जिससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
1390 फीट है खतरे का निशान
बता दें पौंग बांध में 1410 फीट तक पानी स्टोर करने की क्षमता है, जबकि 1390 फीट को खतरे का निशान घोषित किया गया है. ऐसे में यहां 1390 फीट से ऊपर पानी बढ़ने के बाद फ्लड गेट खोल दिए जाते हैं. कई दिनों से पौंग बांध के फ्लड गेट खोले जा रहे हैं, लेकिन ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश के कारण काफी ज्यादा पानी डैम में आ रहा है, जिससे लगातार जलस्तर बढ़ रहा है.