भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस ने एक महीने पुराने मर्डर के मामले में एक आदमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मृतक राजेश राय के मोबाइल फोन को ट्रेस करके इस मामले को सुलझाया। रायसेन जिले के रहने वाले 38 साल के राजेश राय 24 मई को घर से निकले थे। 25 मई को रायसेन जिले के सतलापुर थाने में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
आरोपी पर पहले भी केस दर्ज
पुलिस के अनुसार, 29 मई को उन्हें कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में झागरिया हाईवे पर इकोलॉजिकल पार्क के पास एक पुलिया के नीचे शव पड़े होने की सूचना मिली। घटनास्थल से मिले दस्तावेजों, कपड़ों और जूतों की मदद से परिवार वालों ने मृतक की पहचान राजेश राय के तौर पर की। एएनआई से बात करते हुए कटारा हिल्स थाने के इंचार्ज सुनील कुमार दुबे ने बताया कि आरोपी की पहचान मिसरोद के रहने वाले 28 साल के अजय मायाना के रूप में हुई है। उस पर पहले भी आईपीसी की धारा 377 के तहत मामला दर्ज किया गया था। भोपाल सेंट्रल जेल में रहने के दौरान मेडिकल जांच में वह HIV पॉजिटिव पाया गया था।
खोपड़ी का ऊपरी हिस्सा खुला हुआ था
मामले की जानकारी देते हुए थाना इंचार्ज दुबे ने बताया कि लाश के बारे में सूचना मिलने पर हम मौके पर पहुंचे और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लाश करीब पांच-छह दिन पुरानी थी और गर्मी की वजह से सड़ने लगी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने साफ बताया कि खोपड़ी का ऊपरी हिस्सा खुला हुआ था। सिर और चेहरे पर किसी भारी चीज से चोटें आई थीं। हमने 2000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन आरोपी की पहचान नहीं कर पाए।
इसके बाद पुलिस ने मृतक के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की। फोन नंबर तो इनएक्टिव मिला, लेकिन IMEI नंबर मिल गया जिससे उसे ट्रेस किया गया। पता चला कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल हो रहा था। अधिकारी ने बताया कि मौजूदा यूजर से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि अजय मायाना ने उसे फोन दिया था।
पूछताछ में जुर्म कबूला
मायाना ने बताया कि दीपक ने उसे फोन दिया था। जब दीपक से पूछताछ की गई तो उसने दावा किया कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। उसने फोन सिर्फ अनलॉक करवाने के लिए लिया था। फिर हमने दोनों लोगों के कॉल रिकॉर्ड की जांच की और पाया कि घटना की रात अजय मायाना क्राइम सीन वाली जगह पर गया था। इसमें दीपक की कोई भूमिका नहीं पाई गई। जब अजय मायाना से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी कहानी बताई। उन्होंने आगे कहा कि मुख्य रूप से भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच चल रही है।
HIV पॉजिटिव पाया गया
अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि 2018 में उसे समलैंगिक संबंध बनाने की आदत पड़ गई थी। 2022-23 के आसपास मिसरोद में उसके खिलाफ धारा 377 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसने भोपाल सेंट्रल जेल में सात से आठ महीने बिताए, जहां मेडिकल जांच में वह HIV पॉजिटिव भी पाया गया। आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उसे संबंध बनाने की बहुत तेज इच्छा महसूस हुई और वह घर से निकल गया। वह किसी की तलाश में शहर में कई जगहों पर घूमा।
पीड़ित शराब पीते हुए मिला था
इसी दौरान उसे घटना वाली जगह के पास पीड़ित शराब पीते हुए मिला। आरोपी पीड़ित के पास गया और पूछा कि क्या वह उसकी मदद कर सकता है। बताया जाता है कि पीड़ित ने कहा कि वह रास्ता भटक गया है और दोपहर से ही शराब पी रहा है। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ खाना खाया और गर्मी की वजह से उसे अपनी शर्ट उतारने के लिए कहा। पीड़ित के शर्ट उतारने के बाद आरोपी ने उसका मोबाइल फोन ले लिया और उसका वॉलेट खंगाला, लेकिन उसमें पैसे नहीं मिले। पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसने वॉलेट और उसमें मौजूद चीजें फेंक दीं।
अधिकारी ने बताया कि पीड़ित बहुत ज्यादा नशे में था। आरोपी उसे कथित तौर पर पत्थरों से भरे नाले के नीचे घसीटकर ले गया। उसने कथित तौर पर कई बार यौन संबंध बनाने का प्रयास किया। जब पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके बाल पकड़कर उसका सिर पत्थर पर पटक दिया और फिर मौके से फरार हो गया। आरोपी ने 30-40 लोगों के साथ संबंध बनाने का दावा किया है।