जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज बस में आग, यात्रियों में मच गई अफरा-तफरी!

जयपुर. राजस्थान रोडवेज की एक अनुबंधित बस में शुक्रवार सुबह अचानक आग लगने से यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया. बस जयपुर से हरिद्वार जा रही थी और अपने तय रूट पर आगे बढ़ रही थी, तभी उसमें से धुआं निकलता दिखाई दिया. देखते ही देखते आग ने बस के एक हिस्से को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया. हालांकि चालक और परिचालक की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया और बस में सवार सभी यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया.

घटना के दौरान बस में कुल 26 यात्री सवार थे. आग लगते ही यात्रियों में कुछ देर के लिए घबराहट का माहौल बन गया. लोग जल्दी-जल्दी बस से नीचे उतरने लगे. राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री के घायल होने या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है. घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

मेरठ और मुजफ्फरनगर के बीच हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह बस राजस्थान रोडवेज के अनुबंध के तहत संचालित की जा रही थी. बस का नंबर आरजे 14 पीएफ 2607 बताया गया है. यह बस जयपुर से हरिद्वार के लिए रवाना हुई थी और शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश में मेरठ और मुजफ्फरनगर के बीच पहुंची थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले बस के अंदर से धुआं उठता दिखाई दिया. इसके बाद कुछ ही मिनटों में आग फैलने लगी. चालक ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा. यात्री भी बिना देरी किए बस से बाहर निकल आए. इसी वजह से बड़ा नुकसान होने से बच गया. घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग को दी गई. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया और कुछ समय बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया.

शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा आग लगने की वजह
प्रारंभिक जानकारी में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. हालांकि तकनीकी जांच के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी. आग की वजह से बस को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन सबसे बड़ी राहत यह रही कि सभी 26 यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए. राजस्थान रोडवेज की अनुबंधित बसों की स्थिति और उनके रखरखाव को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं.

यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों की नियमित जांच बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल संबंधित विभाग पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी कुछ ही मिनटों में बड़े हादसे का रूप ले सकती है. समय पर सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने इस बार 26 लोगों की जान बचा ली.