30 दिन में काम नहीं हुआ तो 31वें दिन होंगे सस्पेंड, सम्राट चौधरी ने अफसरों को दी चेतावनी

Samrat Choudhary Warning: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने काम में ढिलाई और लापरवाही बरतने वाले सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी है. मुंगेर के टेटिया बंबर स्थित जगन्नाथ उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि अगर किसी भी अफसर ने जनता के काम को 30 दिनों के भीतर पूरा नहीं किया, तो दोषी पाए जाने पर 31वें दिन उस अफसर को सस्पेंड कर दिया जाएगा. अब भ्रष्ट और कामचोर अफसरों को कोई भी आगे आकर बचा नहीं पाएगा. इस पूरी व्यवस्था की सीधी मॉनिटरिंग खुद राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर की जा रही है.

हर महीने का आखिरी रविवार होगा पंचायत दिवस
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब से हर महीने के आखिरी रविवार को बिहार की सभी 8.5 हजार पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जाएगा. इस खास दिन पर क्षेत्र के सांसद, विधायक, मुखिया, और वार्ड सदस्य एक साथ चौपाल पर बैठेंगे. इस बैठक का मुख्य मकसद गांवों से गरीबी मिटाना, शिक्षा का स्तर सुधारना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना और बुजुर्गों की पेंशन जैसे जरूरी मुद्दों पर तुरंत फैसला लेकर ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई करना होगा.

पंचायतों का बजट ढाई गुना बढ़ा
बिहार के गांवों के विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है. 17वें वित्त आयोग के जरिए बिहार की पंचायतों का बजट 20000 करोड़ रुपये से भारी-भरकम बढ़ोतरी के साथ सीधे 52000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा, मनरेगा की जगह अब विकसित भारत जी-राम-जी अभियान चलाया जाएगा, जिससे बिहार को 70000 करोड़ रुपये तक की बड़ी राशि मिलेगी.

बिजली के क्षेत्र में भी एक नई नीति लागू की जा रही है. इसके तहत अगर कोई गरीब परिवार अपने घर पर सोलर पैनल लगाता है और 125 यूनिट से ज्यादा बिजली का उत्पादन करता है, तो सरकार उस अतिरिक्त बिजली के बदले सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करेगी. महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जीविका दीदियों को गौ-पालन के लिए बिल्कुल मुफ्त में गाय दी जाएगी और उनसे दूध खरीदने की जिम्मेदारी भी सरकार खुद उठाएगी.

अंगिका भाषा में पूछा हाल तो गूंज उठा मैदान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तारापुर और मुंगेर की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त किया. मंच से जनता से जुड़ने के लिए उन्होंने स्थानीय अंगिका में पूछा, “तो तोय सब ठीक छो न? ठीक छो न कि?” सीएम के मुंह से अपनी स्थानीय भाषा सुनते ही पूरा मैदान काफी देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा.