Success Story of BPSC Tax Assistant Commissioner Renu Kadian : ‘मेरी बेटी ने नाम रोशन कर दिया। गांव, कुनबे और दो परिवारों का मान बढ़ाया है। ये मेरी बेटी है, मैंने कभी बहू नहीं समझा। बहू ने भी कहा कि ये मेरी मां की तरह हैं।’ एक सास के अपने बहू के लिए कहे जाने वाले ये शब्द और बहू की कामयाबी साबित करती है कि अगर बेटियों का सपोर्ट किया जाए तो वे क्या कुछ नहीं कर सकतीं। हरियाणा की बहू रेनू कादियान की सक्सेस स्टोरी संघर्ष और हौसले के साथ ससुराल में मिले सपने पूरे करने के प्रोत्साहन की कहानी है।
हरियाणा की बहू बिहार में अफसर
रेनू कादियान हरियाणा के पानीपत जिले में स्थित सिवाह गांव की बहू हैं। उनकी शादी को 9 साल से ज्यादा हो चुके हैं। दो बच्चों की मां और हरियाणा जैसे राज्य की बहू होने के बाद भी उन्होंने बिहार की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में परचम लहराया है। हरियाणा की बहू-बेटियों को लेकर एक धारणा रहती है कि उन्हें सिर्फ चार दीवारी और घूंघट में ही रहना चाहिए। लेकिन अब राज्य की न सिर्फ बेटियां, बल्कि बहू भी अपने सपने पूरे कर रही हैं।
पिता का सपना था- बेटी अफसर बने
रेनू ने एक एक इंटरव्यू में बताया कि पिता का सपना था बेटी पढ़कर लिखकर बड़ी अफसर बने। आज सपना सच हो गया है, लेकिन उसे देखने के लिए पिता नहीं हैं। हाल ही में उनका निधन हो गया था। रेनू कादियान को बिहार में टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला है। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा परिणाम में 349वीं रैंक हासिल की है।
ढोल बजाकर खूब नाची सास
रेनू की कामयाबी पर सास ढोल पर खूब नाची। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी ने नाम रोशन कर दिया। गांव का कुनबे और दो परिवारों का मान बढ़ाया है। ये मेरी बेटी है। मैंने कभी बहू नहीं समझा। बहू ने भी कहा कि ये मेरी मां की तरह हैं। रेनू ने कहा कि एक अच्छा सपोर्ट सिस्टम होना चाहिए, जो मुझे मिला। उन्होंने कहा थोड़ा टाइम लगा संघर्ष था, बहुत उतार-चढ़ाव आए और आखिरकार जिसके लिए इतनी मेहनत की वो मिल गया।
शादी के बाद पूरा सपोर्ट मिला है। इसीलिए मैं कर पाई। क्योंकि हम सब जानते हैं अकेला इंसान कुछ नहीं कर सकता है। खासकर शादी के बाद।
रेनू कादियान, टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर, बिहार सरकार
हरियाणा में स्कूल टीचर हैं रेनू
बता दें कि रेनू वर्तमान में सरकारी स्कूल की टीचर हैं। पहले दिल्ली में स्कूल टीचर थीं। इसके बाद हरियाणा गईं और वहां 8-9 साल से सरकारी स्कूल में पढ़ा रही हैं। कुछ साल पहले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। पति ने कहा कि हम सब बहुत खुश हैं। पत्नी ने शादी के बाद प्रतियोगी परीक्षा तैयारी शुरू की थी। यूपीएससी और एसससी भी दिए। कई बार सफलता के बहुत करीब तक भी पहुंचे थे। इस बार उन्हें बीपीएससी की परीक्षा में कामयाबी मिली है।
SDM बनने का लक्ष्य
रेनू यहीं रुकने वाली नहीं हैं। उनका लक्ष्य SDM बनने का है। वे कहती हैं कि टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद मिला है, क्लास-1 पोस्ट है इससे बहुत खुश हूं। लेकिन अभी और मेहनत और तैयारी करनी है। एसडीएम पोस्ट तक पहुंचना है। इसलिए आस-पास के राज्यों के पीसीएस एग्जाम देती रहती हूं। पंजाब पीसीएस मेन्स एग्जाम अब उनका अगला लक्ष्य यूपी, हरियाणा या पंजाब की पीसीएस परीक्षा क्रैक करना है।