यूपी में तय समय से पहले होंगे विधानसभा चुनाव? मिल गया बडा संकेत

मऊ: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा और नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा का एक बयान पूर्वांचल सहित पूरे सूबे की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने जनपद मऊ के नगर क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा नेताओं से अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे सभी अभी से लोगों से मिलना-जुलना शुरू कर दें और उनकी समस्याओं को भी दूर करने का प्रयास करें, क्योंकि चुनाव में सिर्फ 8 महीना ही शेष है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसा की सुनने में आ रहा है कि चुनाव समय से पहले भी हो सकते हैं, इसलिए पूरी तरह से तैयारी में जुट जाएं।

कैबिनेट मंत्री शर्मा के इस बयान से यूपी में निर्धारित समय फरवरी-मार्च 2027 से पहले चुनाव होने के संकेत मिले हैं। ऊर्जा मंत्री ने मऊ के बड़े नेताओं से आग्रह किया कि वे जो समय मऊ के अलावा दिल्ली, लखनऊ और आजमगढ़ में दे रहे हैं, वह अपने जिले और क्षेत्र में देने का प्रयास करें। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा के बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या वाकई यूपी में समय से पहले चुनाव होने वाले हैं? यदि वास्तव में ऐसा होने वाला है तो मंत्री जी के गृह जनपद की विधानसभा सीटों के वर्तमान हालात क्या हैं?

चार में से सिर्फ एक विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा
मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के गृह जनपद मऊ में कुल चार विधानसभा और एक लोकसभा सीट है। इनमें मऊ सदर विधानसभा सीट से दिवंगत विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी विधायक हैं। घोसी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता सुधाकर सिंह विधायक थे। उनकी मृत्यु के बाद से यह सीट रिक्त बनी हुई है। मधुबन विधानसभा सीट से पूर्व राज्यपाल फागू चौहान के बेटे रामबिलास चौहान सत्ताधारी दल भाजपा से विधायक हैं। मुहम्मदाबाद गोहना सुरक्षित विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के राजेंद्र कुमार विधायक हैं। जनपद की लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के राजीव राय सांसद हैं। यानी अगर पूरे मऊ जनपद की बात की जाए तो यहां पर सपा का पलड़ा भारी है।

एनडीए के नेताओं का गढ़ है मऊ
मऊ जनपद से वर्तमान सरकार में ताकतवर मंत्री अरविंद कुमार शर्मा हैं। आजमगढ़ जिले के मूल निवासी और वर्तमान सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान की भी राजनैतिक पृष्ठभूमि मऊ से ही जुड़ी हुई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के सुप्रीमो और वर्तमान सरकार में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर भी अपने परिवार की राजनीति के लिए मऊ को सुरक्षित मानते हैं। यहां के जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार राय भाजपा से हैं।

भाजपा के सामने बड़ी चुनौती
अगर संगठनात्मक दृष्टिकोण से देखा जाए तो घोसी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विजय राजभर का भी मऊ जनपद से ही ताल्लुक है। मऊ भले ही एक छोटा जिला है, लेकिन वर्तमान में यहां से भाजपा का एक मात्र विधायक है, जबकि मौजूदा सरकार और बीजेपी संगठन में मऊ जिले का जबरदस्त दबदबा है। ऐसे में मऊ के भाजपा के तमाम जनप्रतिनिधियों के लिए यहां की सभी सीटें सपा और अंसारी परिवार के चुंगल से छुड़ाकर अपने पाले में करने की एक बड़ी चुनौती है।

मंत्री एके शर्मा के बयान से उत्तर प्रदेश में समय से पहले विधानसभा चुनाव होने के कयासों को बल मिल गया है। इसके साथ यह भी संकेत मिले हैं कि भाजपा जिले की चारों सीटों पर फतह हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही है।