कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टोल बूथ से एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) से भरा एक तेज रफ्तार टैंकर अनियंत्रित होकर टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पलक झपकते ही टैंकर में एक भीषण धमाका हुआ और पूरा इलाका आग के शोलों में तब्दील हो गया। इस दिल दहला देने वाली घटना में चार लोगों की मौके और इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह पूरी घटना सुबह करीब 6:40 बजे की बताई जा रही है, जिसका रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी अब सामने आ चुका है।
24 सेकंड का वो खौफनाक मंजर, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सामने आए महज 24 सेकंड के सीसीटीवी फुटेज को देखकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो बड़े एलपीजी टैंकर सामान्य रफ्तार से टोल बूथ की तरफ बढ़ रहे होते हैं। तभी अचानक पीछे आ रहा एक टैंकर पूरी तरह से बेकाबू हो जाता है। चालक जब तक गाड़ी पर नियंत्रण पाने की कोशिश करता, तब तक टैंकर डिवाइडर को तोड़ते हुए सीधे टोल प्लाजा के केबिन से जा भिड़ा। टक्कर होते ही टैंकर से अत्यधिक दबाव के साथ गैस का रिसाव (Gas Leak) शुरू हुआ और कुछ ही सेकंड में एक जोरदार विस्फोट के साथ आसमान में आग का गुबार उठ गया। देखते ही देखते पूरे टोल प्लाजा परिसर में काला और घना धुआं फैल गया।
दो किलोमीटर दूर तक उठीं आग की लपटें, दमकल विभाग की मुस्तैदी से टला बड़ा खतरा
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और आग की लपटें करीब दो किलोमीटर की दूरी से भी साफ देखी जा सकती थीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले की सभी फायर ब्रिगेड यूनिट्स और भारी संख्या में सिविल पुलिस के जवानों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक और बड़ा हादसा होने से टल गया।
चालक समेत चार की मौत, मची चीख-पुकार
इस दर्दनाक हादसे में टैंकर के 40 वर्षीय चालक, जिसकी पहचान धर्मेंद्र दुबे के रूप में हुई है, और टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी आलोक की मौके पर ही झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, ड्यूटी पर मौजूद कई अन्य टोल कर्मचारी भी इस भीषण आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दो और कर्मचारियों ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद टोल प्लाजा पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
गाड़ियों के लिए फ्री किया गया टोल, तकनीकी टीम करेगी मामले की जांच
हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने स्थिति को संभालने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुछ समय के लिए टोल प्लाजा को पूरी तरह से फ्री कर दिया, जिससे गाड़ियां बिना शुल्क दिए आसानी से निकल सकीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टैंकर के अनियंत्रित होने के सही कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी टीम (Technical Team) का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।