जयपुर: राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार धमाकेदार शुरुआत की है. 2 जुलाई को प्रदेश में प्रवेश करने के बाद मानसून लगातार सक्रिय बना है. महज दो दिन में राज्य के 23 जिलों को अपनी चपेट में ले चुका है. मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा उदयपुर, अजमेर और झुंझुनू जिलों से होकर गुजर रही है. अगले तीन से चार दिनों में इसके पूरे राजस्थान में फैलने के अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं. इस बीच प्रदेश में अब तक सामान्य से 6.72 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. इससे गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली है.
कई जिलों में झमाझम, सांभर सबसे आगे: मानसून के प्रवेश के दूसरे दिन शुक्रवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई. जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ सहित अनेक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई. बीते 24 घंटे में सर्वाधिक वर्षा जयपुर जिले के सांभर में 80 मिमी, चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा और अजमेर के केकड़ी में 70-70 मिमी रिकॉर्ड की गई. राजधानी जयपुर में भी 32.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सांगानेर में 53 मिमी, जेएलएन मार्ग पर 45 मिमी और कलेक्ट्रेट परिसर में 20 मिमी वर्षा दर्ज की गई.
राजधानी में बारिश ने खोली तैयारियों की पोल: मानसून की पहली तेज बारिश ने राजधानी की व्यवस्थाओं की भी परीक्षा ले ली. शुक्रवार दोपहर बाद शुरू बारिश से शहर की प्रमुख सड़कें पानी से लबालब हो गईं और कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई. मुरलीपुरा-झोटवाड़ा स्थित दादी का फाटक अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया. लगभग 18 फीट गहरे इस अंडरपास में पानी भरने के कारण यातायात रोकना पड़ा. इससे लोगों को चार से पांच किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा. बारिश के दौरान टोंक रोड स्थित अपेक्स मॉल के पास सड़क अचानक करीब 25 फीट लंबी और 7 फीट गहरी धंस गई. समय रहते बैरिकेडिंग कर यातायात को डायवर्ट किया गया. इससे बड़ा हादसा टल गया. यह घटना प्री-मानसून तैयारियों पर भी सवाल खड़े करती है.
एसएमएस अस्पताल में आईसीयू तक पहुंचा पानी: बारिश का असर प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस अस्पताल पर भी देखने को मिला. गुरुवार देर रात ट्रॉमा सेंटर में ड्रेनेज पाइप फटने से ग्राउंड फ्लोर पर तेजी से पानी भर गया. पानी इमरजेंसी ब्लॉक, एक्स-रे रूम, माइनर ऑपरेशन थिएटर, मुख्य ऑपरेशन थिएटर और ऑब्जर्वेशन आईसीयू तक पहुंच गया. प्रत्यक्षदर्शी रविदत्त ने बताया कि एक बार फिर से ऐसे हालात ऐसे बने कि आईसीयू में भर्ती चार गंभीर मरीजों को तत्काल दूसरे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा.
पारा गिरा, पश्चिमी राजस्थान में अभी गर्मी:मानसून की सक्रियता का असर तापमान पर भी स्पष्ट दिखाई दिया. जयपुर का अधिकतम तापमान घटकर 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उदयपुर में 32.4 डिग्री, अजमेर में 33.4, कोटा में 33.9 और प्रतापगढ़ में सबसे कम 30.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ. हालांकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी अभी भी बनी है. बीकानेर और जैसलमेर में अधिकतम तापमान 43, बाड़मेर में 42.3, श्रीगंगानगर में 41.5 और जोधपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
अगले तीन दिन भारी बारिश:मौसम विभाग ने बताया है कि अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा. कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. शनिवार के लिए छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट और दो जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. डीग, अलवर और जयपुर जिलों में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन और मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है.