400000 Year Old Cave: उत्तरी इजरायल के फोरिडिस इलाके में वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है. यहां उन्हें 4 लाख साल पुरानी एक रहस्यमय गुफा मिली है. यह गुफा इतने सालों से पूरी तरह सील थी. यह इंसानी इतिहास की एक अद्भुत टाइम कैप्सूल की तरह है. इसके अंदर किसी तरह का दखल बिल्कुल नहीं हुआ है. इजरायल एंटीक्विटीज अथॉरिटी और हाइफा यूनिवर्सिटी के रिसर्चर इसकी खुदाई कर रहे हैं. यह गुफा 4 लाख से 2.5 लाख साल पुरानी बताई जा रही है. कोबी वर्डी और अमित गबाय जैसे आर्कियोलॉजिस्ट इस रिसर्च को लीड कर रहे हैं. उनके साथ प्रोफेसर रॉन भी इस प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा हैं. यह हाल के दशकों की सबसे बड़ी आर्कियोलॉजिकल खोज मानी जा रही है. इससे इंसानी विकास के उस दौर का पता चलेगा जिसके बारे में बहुत कम जानकारी मौजूद है.
यह रहस्यमय गुफा इंसानी इतिहास के लिए इतनी खास क्यों है?
यह गुफा अच्युलो-यबरुडियन कल्चर से जुड़ी बताई जा रही है. यह कल्चर लोअर पेलियोलिथिक युग के आखिर का हिस्सा है. रिसर्चर्स के मुताबिक इस गुफा की स्थिति बेहद शानदार है. यह एक असली टाइम कैप्सूल की तरह काम कर रही है. इससे वो जानकारी मिल सकती है जो कहीं और से मिलना मुश्किल है. यह वह दौर है जब निएंडरथल और आधुनिक इंसान दुनिया में नहीं फैले थे. यह इंसानों के रहन-सहन और पर्यावरण के साथ तालमेल का एक बहुत बड़ा बदलाव का समय था.
क्या 4 लाख साल पहले भी इंसानों का सोशल स्ट्रक्चर बहुत बड़ा था?
प्रोफेसर रॉन ने कहा, ‘इसी दौर में इंसानों ने बड़े समूह बनाना शुरू किया था.’ इसी समय उन्होंने किसी खास जगह पर लंबे समय तक रहना भी सीखा था. गुफा में मिले सबूत बताते हैं कि वे लोग आग का काफी इस्तेमाल करते थे. उनका सोशल स्ट्रक्चर काफी जटिल और विकसित होने लगा था. वे गुफाओं में काफी लंबे समय तक रुकते थे. इससे साफ होता है कि उनके बीच आपसी सहयोग बहुत ज्यादा था. वे लोग अपने ज्ञान को अपनी कम्युनिटी में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपते थे. इन्ही बदलावों ने बाद में होमो सेपियंस की नींव रखी थी.
इजरायल की इस रहस्यमय गुफा के अंदर से आखिर क्या क्या मिला है?
वैज्ञानिकों को इस गुफा से कई चौंकाने वाली चीजे मिली हैं. इनमें चकमक पत्थर से बने कई खास हथियार शामिल हैं. ये हथियार उस दौर के हिसाब से काफी ज्यादा एडवांस माने जाते हैं. आर्कियोलॉजिस्ट ने बहुत ही बारीकी से बनाई गई छोटी कुल्हाड़ियां खोजी हैं. इसके अलावा स्क्रेपर और कटिंग ब्लेड भी बड़ी संख्या में मिले हैं.
वहां खुदाई में घोड़ों और हिरण जैसे जानवरों की हड्डियां भी मिली हैं. जंगली गधों के अवशेष भी इस गुफा से बरामद किए गए हैं. इन सबूतों के साथ ही वहां आस-पास पानी होने के निशान भी मिले हैं. पानी होने की वजह से ही शिकारी समूह इस जगह की ओर आकर्षित हुए होंगे.
क्या आम लोग भी जल्द ही इस 4 लाख साल पुरानी गुफा को देख पाएंगे?
आर्कियोलॉजिस्ट कोबी वर्डी ने इस खोज की तुलना नाहल मेरोट साइट से की है. नाहल मेरोट को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिला हुआ है. यह जगह भी प्रीहिस्ट्री की स्टडी के लिए बहुत अहम है. इजरायल एंटीक्विटीज अथॉरिटी अब एक बड़ा रिसर्च प्रोग्राम शुरू करने वाली है. इससे पता चलेगा कि उस दौर के इंसान किस तरह से अपना जीवन जीते थे. वे अपने आस-पास मौजूद चीजों का किस तरह से इस्तेमाल करते थे. अपनी स्टडी पूरी होने के बाद संस्थाएं इस गुफा को आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी करेंगी. इससे लोग इंसानी विकास के इस अद्भुत सफर को करीब से देख और समझ सकेंगे.