ईरान के न्यूक्लियर शहर बुशहर में भीषण धमाके! अमेरिका बोला- हमने नहीं किया हमला’, ट्रंप ने नेतन्याहू को लगाया फोन

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच दक्षिणी ईरान से एक बार फिर धमाकों की खबरें सामने आई हैं. ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, कोनारक स्थित नौसैनिक ठिकाने के आसपास धमाके हुए हैं. इसके अलावा बंदर अब्बास, बुशहर और चोगादक में भी विस्फोटों की आवाज सुनाई देने का दावा किया गया है. हालांकि इन घटनाओं को लेकर ईरान के भीतर ही अलग-अलग एजेंसियों की रिपोर्ट एक-दूसरे से मेल नहीं खा रही हैं.

ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि बंदर अब्बास में तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जबकि बुशेहर और चोगादक में कुल छह विस्फोट दर्ज किए गए. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कोनारक शहर में तीन धमाके हुए. वहीं सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बंदर अब्बास में धमाकों की खबरों का खंडन किया है. इरना के मुताबिक बुशहर शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जबकि शहर के भीतर सुनाई देने वाली आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम की जवाबी कार्रवाई का परिणाम थीं.

अमेरिकी हमले को लेकर भी विरोधाभासी तस्वीर
घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया है. ऐसे में हमलों की वास्तविक प्रकृति और जिम्मेदारी को लेकर अभी स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है.

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत
ईरान से जुड़ी इन घटनाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई. इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार दोनों नेताओं ने सुरक्षा मामलों पर समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई. बताया गया कि ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की हालिया गतिविधियों की जानकारी भी साझा की. बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने तुर्किये के राष्ट्रपति के हालिया बयानों पर भी चिंता जताई और इजरायल की सीमाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.

होर्मुज में हमलों के बाद बढ़ा तनाव
इससे पहले होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही थी. इसके बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज होने के दावे सामने आए. हालांकि ताजा घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावों में काफी अंतर है. इसलिए वास्तविक स्थिति और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है.