भारत को हराने में अलग ही मजा आता है…टी20 सीरीज जीतने के बाद हैरी ब्रूक ने ये सब क्या कह दिया

इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज में भारत पर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली और सीरीज अपने नाम कर ली. 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 14वें ओवर में ही मुकाबला खत्म कर दिया. कप्तान हैरी ब्रूक ने 35 गेंदों में 79 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि फिल साल्ट ने 59 रन बनाए. अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए ब्रूक को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. सीरीज जीतने के बाद वह काफी खुश नजर आए और उन्होंने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत हासिल करना हमेशा अच्छा लगता है.

भारत के खिलाफ जीत पर क्या बोले हैरी ब्रूक?

बतौर कप्तान सीरीज जीतने और प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद ब्रूक ने कहा, ‘हां, आज रात बहुत मजा आया. इंडिया को हराना हमेशा अच्छा होता है, वे कई सालों से एक बहुत मज़बूत टीम रहे हैं और एक गेम बाकी रहते उन्हें 3-0 से हराना, हम बहुत खुश हैं.’ पिछले तीन मैचों में टीम की सबसे बड़ी ताकत क्या रही? इस सवाल पर ब्रूक ने कहा, ‘सच में, दोनों. दो बातें तो पक्की हैं, एक तो जिस तरह से हमने सरफेस के हिसाब से खुद को ढाला है और उस सरफेस से निपटने के लिए अलग-अलग स्किल्स का इस्तेमाल किया है और फिर कोच से प्लेयर्स और प्लेयर्स से कोच तक का कम्युनिकेशन बहुत बढ़िया रहा है और, हां, ये दो बातें हैं जो सच में सबसे अलग हैं.’

सीनियर खिलाड़ियों और नंबर-1 बनने पर भी बोले कप्तान

टीम के अनुभवी खिलाड़ियों को लेकर हैरी ब्रूक ने कहा, ‘जरूर. जोफ्रा (आर्चर) और टोंगी (जोश टंग) फिर से, बहुत अच्छे रहे. वे वहां अच्छी बातचीत कर रहे हैं और यह भी सीख रहे हैं कि उस सरफेस पर सबसे अच्छी बॉलिंग कैसे करें. जोस स्पिनर्स के साथ, स्टंप्स पर खड़े रहे, वह हमारे लिए बहुत कीमती खिलाड़ी हैं, जैसा कि वह कई सालों से रहे हैं. और बस थोड़ी-बहुत बातचीत करने से भी बहुत बड़ा फर्क पड़ता है.’

जब उनसे पूछा गया कि अगर इंग्लैंड भारत को 4-0 से हरा देता है तो टीम दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन सकती है, तो इसपर उन्होंने कहा, ‘अगर मैं सच कहूं तो दुनिया की नंबर एक टीम बनना बहुत अच्छा होगा (मुस्कुराते हुए). यह पक्का हमारा लक्ष्य है. हम वही करते रहेंगे जो हमने इस सीरीज में अब तक किया है, और हम अपनी बात पर अड़े रहेंगे, और उम्मीद है कि हम 4-0 से जीतेंगे.’

अपनी बल्लेबाजी पर ब्रूक ने कहा, ‘हां, अच्छा लगा. बहुत अच्छा लगा और फिर, यह कोच के साथ उनकी बातचीत थी, यह पता लगाने की कोशिश करना कि बॉल को जमीन पर कहां मारना सबसे अच्छा है और शुक्र है, मैं पूरे मैदान में कोशिश कर सकता हूं. मुझे लगा कि आज पेस का इस्तेमाल करना शायद सबसे अच्छा ऑप्शन था और शुक्र है कि मैंने बीच से कुछ बॉल निकाल लीं.’