कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट से पार्टी के दैनिक खर्च को लेकर आंशिक राहत मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। बिधाननगर साइबर थाना पुलिस ने कई सरकारी और निजी बैंकों में मौजूद पार्टी के 12 और बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों चरणों में फ्रीज किए गए खातों में कुल मिलाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है।
यह कार्रवाई तृणमूल के बागी विधायक विश्वनाथ दास द्वारा दर्ज कराई गई एफआइआर की जांच के आधार पर की गई है। इसी मामले में पुलिस पहले तीन बैंक खाते फ्रीज कर चुकी थी। बाद में ईडी ने भी उन्हीं तीन खातों को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत फ्रीज कर दिया था। इसके खिलाफ तृणमूल के ममता बनर्जी गुट ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने गुरुवार को पार्टी के दैनिक खर्च के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।
जांच के दौरान बिधाननगर साइबर थाना शिकायतकर्ता विधायक समेत ऋतब्रत बनर्जी खेमे के सात से अधिक विधायकों के बयान दर्ज कर चुका है। पुलिस यह पता लगा रही है कि उन्हें किन आधारों पर पार्टी के खातों में कथित अवैध लेनदेन का संदेह है। शुरुआती तीन खातों के लेनदेन से मिले सुराग के आधार पर अब अन्य खातों की भी जांच की जाएगी। इसी कारण फिलहाल इन खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी गई है।
तीन नेताओं से पूछताछ की तैयारी
उधर, ईडी द्वारा फ्रीज किए गए तीन खातों में से एक के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता दो सांसद हैं। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, अन्य दो खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एक पूर्व सांसद और एक पूर्व मंत्री हैं। जांच के सिलसिले में इन तीनों नेताओं को जल्द पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।
फिर हाई कोर्ट पहुंची तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने के ईडी के आदेश के खिलाफ एक बार फिर कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति कृष्णा राव की अदालत में पार्टी की ओर से अधिवक्ता किशोर दत्ता ने मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की अनुमति मांगी। अदालत ने याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है।
मामले की सुनवाई सोमवार को होने की संभावना है। पार्टी की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य पुलिस द्वारा फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों के मामले में हाई कोर्ट की दूसरी पीठ पहले ही अंतरिम राहत दे चुकी है। लेकिन अब धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत ईडी ने भी इन्हीं खातों को फ्रीज कर दिया है, जिससे पार्टी की परेशानी बढ़ गई है।
गुरुवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने राज्य पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मामले में तीनों खातों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया था।
अदालत ने निर्देश दिया था कि अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी भी दो के हस्ताक्षर वाले चेक पर विशेष अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर के बाद ही बैंक से राशि निकाली जा सकेगी।
हाल ही में ईडी ने कोलकाता और आसपास के पांच ठिकानों पर छापेमारी के बाद कहा था कि एक निजी बैंक में तृणमूल के तीन खातों में 440 करोड़ 42 लाख रुपये जमा हैं। एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 17(1ए) के तहत इन खातों को फ्रीज कर दिया है।