भागलपुर। बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में एक ऐसा हैरान करने वाला सियासी घटनाक्रम सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषित उम्मीदवार और भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी ने अचानक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर चुनावी मैदान से अपना नाम वापस लेने की आधिकारिक घोषणा कर दी। अभिषेक बंटी के इस चौंकाने वाले फैसले के तुरंत बाद भाजपा आलाकमान ने त्वरित एक्शन लेते हुए बांकीपुर के नरेंद्र भारतीय मंडल के अध्यक्ष नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
नामांकन सभा में उमड़ा था मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत दिग्गजों का हुजूम
इस बड़े सियासी ड्रामे से ठीक एक दिन पहले बांकीपुर के ही स्थानीय निवासी अभिषेक बंटी ने बेहद भव्य तरीके से एनडीए (NDA) नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था। उनके नामांकन के दौरान आयोजित विशाल चुनावी सभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित कई दिग्गज पहुंचे थे।
मंच पर भाजपा की तेजतर्रार नेत्री सह प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर सहित एनडीए के सभी घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष और हजारों कार्यकर्ताओं ने अभिषेक बंटी को भारी मतों से जिताने का सामूहिक संकल्प लिया था। एनडीए के सभी घटल दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी वहां मौजूद थे।
अभिषेक बंटी के समर्थन में सोशल मीडिया पर प्रीति शेखर ने झोंकी थी ताकत
गौरतलब है कि अभिषेक बंटी को टिकट मिलने के बाद से ही भागलपुर की कद्दावर भाजपा नेत्री और प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर लगातार उनके समर्थन में सोशल मीडिया पर आक्रामक प्रचार कर रही थीं। वे न केवल अभिषेक बंटी का नामांकन करवाने के लिए विशेष रूप से पटना में मौजूद रहीं, बल्कि नामांकन के बाद आयोजित विशाल जनसभा को भी उन्होंने अपने ओजस्वी भाषण से संबोधित किया था। संगठनात्मक रणनीति के अनुसार चुनाव प्रचार युद्धस्तर पर शुरू हो चुका था, लेकिन अगले ही दिन सुबह प्रत्याशी द्वारा नाम वापसी की खबर ने पूरी टीम और समर्थकों को स्तब्ध कर दिया।
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पारिवारिक कारणों से वापस लिया नाम, कमल खिलना तय: डॉ. प्रीति शेखर
इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे और टिकट बदलने के बाद भाजपा की प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर की पहली आधिकारिक और बेहद महत्वपूर्ण राजनैतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। भागलपुर में मीडिया से बात करते हुए डॉ. प्रीति शेखर ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि अभिषेक बंटी ने बेहद व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों की वजह से ही चुनावी मैदान से अपना नामांकन वापस लिया है।
डॉ. प्रीति शेखर ने पूरी मजबूती से नया दांव खेलते हुए कहा कि भाजपा ने अब जमीनी कार्यकर्ता नीरज कुमार सिन्हा को टिकट दिया है, बांकीपुर में विकास की ही जीत होगी और हर हाल में कमल खिलेगा। नीरज कुमार सिन्हा बांकीपुर विधानसभा के नरेन्द्र भारतीय मंडल के अध्यक्ष हैं।
अंदरूनी खींचतान पर साधी चुप्पी, बोलीं- हम पार्टी के फैसले के साथ
जब पत्रकारों ने डॉ. प्रीति शेखर से अचानक 24 घंटे के भीतर नामांकन वापस लेने के असली इनसाइडर कारणों और नए प्रत्याशी को आनन-फानन में टिकट देने के पीछे के समीकरणों पर तीखे सवाल पूछे, तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
पार्टी के अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित कैडर आधारित पार्टी है और शीर्ष नेतृत्व ने जो भी फैसला लिया है, हम सभी कार्यकर्ता पूरी एकजुटता के साथ उसके साथ खड़े हैं। अब बांकीपुर के इस बदले हुए सियासी रणक्षेत्र में, जहां एक तरफ प्रशांत किशोर की जन सुराज और दूसरी तरफ राजद की रेखा गुप्ता मैदान में हैं, भाजपा के नए चेहरे नीरज कुमार सिन्हा के कंधों पर इस सबसे मजबूत किले को बचाने की भारी चुनौती होगी।
त्रिकोणीय मुकाबला
बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट (182) पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय मुकाबले में बदल चुका है। यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे (राज्यसभा सदस्य बनने) के बाद खाली हुई है। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी।