मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 650 अंक लुढ़का

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव चलते कच्चे तेल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है. आज यानी 13 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला. सुबह शुरुआती कारोबार में 9:20 बजे तक सेंसेक्स 652 अंक गिरकर 76,916 और निफ्टी 186 अंक फिसलकर 24,020 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.

क्रूड ऑयल 4% से ज्यादा उछला, बाजार में मचा हड़कंप
ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के बाद कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 4% से ज्यादा उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, , क्योंकि तेल की सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है और बाजार में बिकवाली देखी जा रही है.

मेटल में गिरावट, आईटी और फार्मा में तेजी
आज के कारोबार में कुछ सेक्टर में भारी गिरावट देखी गई, जबकि कुछ ने बढ़त बनाई है. निफ्टी मेटल 1.13% और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.03% की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा नुकसान वाले सेक्टर रहे.निफ्टी कंजम्पशन में भी 0.98% की कमजोरी दर्ज की गई.

दूसरी तरफ, आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया और 0.53% की तेजी दिखाई.साथ ही, फार्मा सेक्टर भी 0.13% की मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में रहा.

इन शेयरों में आज दिखी तेज हलचल
आज के शुरुआती कारोबार में इंडिगो (IndiGo), टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) जैसे प्रमुख शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है. दूसरी ओर, दबाव के बीच भी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एनटीपीसी (NTPC), एचसीएल टेक (HCL Tech) और पावर ग्रिड के शेयरों में हल्की तेजी देखी गई

क्रूड ऑयल में तेजी से HPCL, BPCL और IOC के शेयर धड़ाम
एक तरफ कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, तो इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. तेल की बढ़ती कीमतों के चलते आज ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है; हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) 2.02%, भारत पेट्रोलियम (BPCL) 1.92% और इंडियन ऑयल (IOC) के शेयरों में 1.35% तक की गिरावट देखी गई है.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव सेदुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया है. इसका असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिख रहा है. जापान का निक्केई 1.6%, हांगकांग का हैंग सेंग 0.20% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) तो 6% से भी अधिक गिर गया है.

विदेशी निवेशकों का मिल रहा सपोर्ट
बाजार के जानकारों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का लगातार भारतीय बाजार की ओर रुख करना हमारे बाजार के लिए एक सुरक्षा कवच बना हुआ है. निवेशक दक्षिण कोरिया के चिप सेक्टर के जोखिमों को देखते हुए अपनी पूंजी को भारत जैसे सुरक्षित बाजारों में शिफ्ट कर रहे हैं, जो भारतीय मार्केट को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद कर रहा है.बता दें कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 2,603.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला था.