5 लाख में हुआ नीट यूजी पेपर का सौदा, आरोपी के मोबाइल में मिले 111 असली सवाल

NEET UG Paper Leak 2026: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच में CBI को अब तक का सबसे बड़ा सबूत मिला है. जांच एजेंसी ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि एक कोचिंग संचालक के मोबाइल फोन में हाथों से लिखें हुए मिले 136 सवालों में से 111 सवाल NTA के ओरिजनल क्वेश्चन पेपर से पूरी तरह मेल खाते हैं. इस खुलासे के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है. CBI का मानना है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र का एक हिस्सा कुछ लोगों तक पहुंच चुका था.

आरोपी के मोबाइल में मिले 111 ओरिजनल सवाल
CBI के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर में कोचिंग चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन की जांच के दौरान हाथों से लिखें हुए 136 प्रश्न मिले. जब इनका मिलान NTA के मास्टर क्वेश्चन पेपर से किया गया, तो 111 सवाल एक जैसे पाए गए. जांच एजेंसी का कहना है कि यह केवल संयोग नहीं हो सकता और यह पेपर लीक होने के सबसे मजबूत सबूतों में से एक है.

परीक्षा से पहले ही पहुंच गए थे सवाल, 5 लाख में हुई थी डील
जांच में सामने आया है कि आरोपी को कथित तौर पर 23 अप्रैल को ही प्रश्न मिल गए थे, जबकि NEET UG परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी. CBI का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में कई लोग शामिल थे. इनमें एक डॉक्टर, एक रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर और कुछ अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं. एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले करीब 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था.

शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में एक केमिस्ट्री कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाते हैं. इसके अलावा उनका एक यूट्यूब चैनल भी है, जहां लाखों छात्र परीक्षा की तैयारी से जुड़े वीडियो देखते हैं. CBI फिलहाल यह जांच कर रही है कि लीक हुए प्रश्न किन-किन लोगों तक पहुंचे और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था.

टेलीग्राम पर 10 लाख रुपये में बेचे गए पेपर के PDF
CBI ने अदालत को बताया कि लीक प्रश्नपत्र की PDF कॉपी कथित तौर पर टेलीग्राम के जरिए करीब 10 लाख रुपये में बेची गई. जांच एजेंसी का कहना है कि कुछ छात्रों तक परीक्षा से पहले ही यह पेपर पहुंच गया था. इससे यह आशंका और मजबूत होती है कि परीक्षा की गोपनीयता पहले ही भंग हो चुकी थी.

‘गेस पेपर’ में भी मिले असली सवाल
जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ. अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा से पहले लगभग 150 पेज का एक ‘गेस पेपर’ कुछ अभ्यर्थियों के बीच बांटा गया था. इसमें कुल 410 प्रश्न थे. जांच में पाया गया कि इनमें से करीब 120 सवाल NEET के केमिस्ट्री सेक्शन से मेल खाते थे. इससे यह संकेत मिला कि कुछ अभ्यर्थियों के पास परीक्षा से पहले ही असली प्रश्नों का बड़ा हिस्सा पहुंच चुका था.

राजस्थान से शुरू हुई जांच, महाराष्ट्र तक पहुंचा मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत राजस्थान से हुई थी. वहां छात्रों के बीच एक संदिग्ध ‘गेस पेपर’ वायरल हुआ था. जब जांच एजेंसियों ने उसकी तुलना ओरिजनल क्वेश्चन पेपर प्रश्नपत्र से की तो 100 से अधिक सवाल समान पाए गए. इसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. धीरे-धीरे जांच का दायरा बढ़ता गया और इसके तार महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों तक पहुंच गए.

कई राज्यों में फैला था कथित नेटवर्क
CBI का मानना है कि यह कोई एक व्यक्ति का काम नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला एक संगठित नेटवर्क इस पूरे मामले में सक्रिय था. जांच एजेंसी के अनुसार, इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने वाले, बिचौलिए, कोचिंग संचालक और कुछ छात्र भी शामिल हो सकते हैं. इसी वजह से मामले की जांच स्टेट एजेंसियों से लेकर CBI को सौंप दी गई.

20 लाख से ज्यादा छात्रों को दोबारा देनी पड़ी परीक्षा
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद NTA ने 3 मई को हुई NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी. इसके बाद 21 जून को देशभर में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई. इस फैसले का असर 20 लाख से अधिक छात्रों पर पड़ा, जिन्हें फिर से परीक्षा देनी पड़ी.

अब अदालत के फैसले पर टिकी हैं निगाहें
फिलहाल CBI लगातार इस मामले में सबूत जुटा रही है और आरोपियों से पूछताछ कर रही है. एजेंसी ने अदालत में आरोपी की जमानत का विरोध करते हुए कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट और टेक्निकल एविडेंस पेश किए हैं. आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और CBI की आगे की जांच से इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.