बिहार में मौत के कुएं से लौटी जिंदगी! 30 फीट गहरे बोरवेल से 3 साल के बच्चे को NDRF ने निकाला

गयाः बिहार के गया में 3 साल का मासूम मौत के मुंह से लौट आया. गुरुपा थाना क्षेत्र के रघुनाथ नगर गांव से राहत भरी खबर सामने आई. जहां करीब 7 घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बोरवेल में गिरे मासूम पीयूष को सकुशल बाहर निकाल लिया गया. पटना से पहुंची एनडीआरएफ की टीम, जिला प्रशासन, पुलिस और ग्रामीणों की कोशिश से सुबह करीब 3 बजे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसके बाद उसे तुरंत फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताया.

घटना गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे की है. जब गुरपा थाना क्षेत्र के रघुनाथ नगर गांव में 3 वर्षीय पीयूष खेलते-खेलते खुले बोरवेल में गिर गया. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पटना से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई.

पूरी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पूरी रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बोरवेल के समानांतर खुदाई किया था, लेकिन बाद मे NDRF की टीम आकर सुबह करीब 3 बजे पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बच्चे को तुरंत फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज और स्वास्थ्य परीक्षण किया. चिकित्सकों के अनुसार बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है. बच्चे के सुरक्षित बाहर आने के बाद परिजनों, ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली.

लापरवाही की जांच की जाएगी
मौके पर मौजूद आपदा विभाग के एडीएम और वजीरगंज डीएसपी ने एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस और सभी सहयोगी टीमों की सराहना करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति या एजेंसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने विशेष रूप से नल-जल योजना के तहत खुले छोड़े गए बोरवेल को लेकर भी जांच के निर्देश दिए हैं.

7 घंटे के बाद सुरक्षित बचा मासूम
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में बोरवेल को खुला छोड़ दिया गया और यदि ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. करीब 7 घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के सफल होने से एक मासूम की जिंदगी बच गई. यह राहत की बात है कि पीयूष पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन यह घटना खुले बोरवेल जैसी लापरवाहियों पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है.