अभी-अभी: अभिषेक बनर्जी का बडा ऐलान, इस्तीफा देने वाले सारे नेता ममता के पास लौटें, मैं 1 घंटे में दूंगा रिजाइन…

Abhishek Banerjee: टीएमसी नेता ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में बागी नेताओं को चैलेंज करते हुए बड़ा दावा किया है. अपने तीखे तेवरों के लिए जाने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘जो लोग टीएमसी को छोड़कर आज मुझे बुरा-भला कह रहे हैं और मुझ पर ही हार का आरोप लगा रहे हैं… मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे दीदी (ममता बनर्जी) के पास वापस आ जाएं. अगर वे ऐसा करते हैं, तो मैं एक घंटे के अंदर पार्टी से इस्तीफ़ा दे दूंगा… लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे.

बागियों ने बीजेपी से की डील: अभिषेक बनर्जी
बागी नेताओं पर हमलावर होते हुए उन्होंने कहा, ‘टीएमसी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने बीजेपी के साथ डील की है. उनको कहा गया कि पार्टी छोड़ो, बागी गुट या फिर बीजेपी में शामिल हो जाओ, ED, CBI और दूसरी एजेंसियों से सुरक्षा लो और फिर अभिषेक बनर्जी पर आरोप लगाओ और उन्हें बुरा-भला कहो.’

कालीघाट में मीडिया से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी के साथ ममता बनर्जी के वफादार कुणाल घोष भी थे. पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट से विधायक कुणाल मौजूदगी में अपने तेवर दिखाते हुए क्या कुछ कहा आप खुद सुन लीजिए.

डरे लोग ही हार मानते हैं: अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी ने ये भी कहा, ‘हर किसी को अपना फैसला लेने और जहां चाहें वहां जाने का अधिकार है. लेकिन अगर कोई ईडी का समन मिलते ही पाला बदल लेता है, तो साफ है कि वह लड़ना नहीं चाहता. वे डरे हुए हैं, और सिर्फ डरे हुए लोग ही हार मानते हैं.’

बागी गुट का पलटवार
बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी के बयान पर उन्हें घेरने में देर नहीं लगाई. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ‘पहले वो बोल रहे थे की लुटेरे चले गये है और उन्ही को अब बुला रहे है.. बल्कि इसे (अभिषेक बनर्जी) तो पहले ही जिम्मेवारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था. पहले रिजाइन करे फिर भाषणभाजी करे. ऐसे बयान उन्हें शोभा नहीं देते.’

मदन मित्रा से लेकर कोयल मल्लिक तक हुए थे हालिया इस्तीफे
पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को लगातार बड़े झटके लग रहे हैं. हालिया इस्तीफों की बात करें तो पार्टी के सीनियर नेता और विधायक मदन मित्रा के सभी पदों से इस्तीफा देकर बागी खेमे में शामिल होने के अगले दिन अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दिया था.

टीएमसी से पद छोड़ने वाली वो चौथी सांसद थीं. कोयल से पहले भी कई नेता पार्टी की सांसदी को छोड़ चुके हैं. उनसे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके थे. कोयल मल्लिक चौथी राज्यसभा सांसद बनीं जिन्होंने इस्तीफा दिया. कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों की संख्या घटकर 9 रह गई थी.

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के 19 बागी लोकसभा सांसदों ने खुद को ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में विलय करने का दावा करके एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया था. बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है.

बागी सांसदों के नाम
काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई वाले बागी गुट में पत्र पर जिन सांसदों ने दस्तखत किए हैं, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदार, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार माल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालीपदा सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक का नाम है.

2024 के लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी ने बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में 29 पर जीत हासिल की थी. बीजेपी को 12 और कांग्रेस को मात्र 1 सीट मिली थी. चुनावों के बाद टीएमसी के बशीरहाट से एमपी हाजी नुरुल इस्लाम की मौत हो गई थी.

विधायकों ने भी छोड़ा ‘दीदी’ का साथ
टीएमसी पार्टी के लगभग 60 बागी विधायकों ने 3 जून 2026 को ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया था और अलग गुट बनाकर ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था. इस गुट को विधानसभा स्पीकर से मान्यता भी मिल गई थी.

ममता के पास बचे कितने वफादार?
अभिषेक बनर्जी, लोकसभा (डायमंड हार्बर): ममता बनर्जी के भतीजे हैं. पार्टी पर एक छत्र राज करते थे.

कल्याण बनर्जी, लोकसभा (श्रीरामपुर): कानूनी मोर्चे पर सक्रिय हैं और बागियों को अयोग्य ठहराने की चेतावनी दे रहे हैं.

सौगत रॉय लोकसभा, (दमदम): इन्होंने खुलकर बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह पैसे के दम पर टीएमसी को तोड़ रही है.

महुआ मोइत्रा लोकसभा, (कृष्णानगर): सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं और बागी सांसदों को गद्दार बताती चली रही हैं.

डेरेक ओ’ब्रायन, राज्यसभा: ममता बनर्जी के साथ साए की तरह मौजूद रहते हैं. बागी नेताओं को लगातार घेर रहे हैं.

सागरिका घोष, राज्यसभा : ममता बनर्जी के समर्थन में लगातार मीडिया और सोशल मीडिया पर पक्ष रख रही हैं.

ममता बाला ठाकुर, राज्यसभा : मतुआ समुदाय से आने वाली सांसद, फिलहाल ममता बनर्जी के साथ हैं.