डायबिटीज एक लाइफस्टाइल डिजीज है जो कि तेजी से बढ़ रही है. WHO विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में लगातार डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार 10 करोड़ से ज्यादा यंग लोग इस बीमारी का शिकार है. डायबिटीज एक ऐसी बीमारी जिसे हमेशा के लिए ठीक नहीं किया जा सकता है. लाइफस्टाइल की मदद से इसे कंट्रोल किया जा सकता है.
डायबिटीज 2 तरह की होती है टाइप 1 और टाइप 2, क्या आप जानते हैं कौन सी डायबिटीज ज्यादा खतरनाक है. कुछ लोगों का कहना है कि जीवन पर इंसुलिन लेने वाली डायबिटीज ज्यादा खतरनाक है. आइए जानते हैं क्या सच में ऐसा है?
टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज में अंतर
टाइप 1 डायबिटीज
टाइप 1 डायबिटीज में पैंक्रियाज इंसुलिन का प्रोडक्शन यानी इंसुलिन बनाना पूरी तरह से बंद कर देता है. ऐसे में मरीज के लिए रोजाना इंसुलिन का इंजेक्शन लेना जरूरी हो जाता है.
टाइप 2 डायबिटीज
टाइप 2 में शरीर इंसुलिन से बनाता है लेकिन शरीर में इंसुलिन का सही से उपयोग नहीं हो पाता है. इस कंडीशन को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं. लंबे समय तक इंसुलिन का प्रोडक्शन कम हो जाता है.
कौन सी डायबिटीज है ज्यादा खतरनाक
शारदा अस्पताल की इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार डायबिटीज खतरनाक तब होती है जब लंबे समय तक शरीर में ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं रहता है. शुगर कंट्रोल ना रहने की वजह से आंखों, किडनी, हार्ट, दिमाग और किडनी पर भारी नुकसान होता है.
टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन न लेने पर मरीज में डायबिटिक कीटोएसिडोसिस जैसी गंभीर समस्या का रिस्क बढ़ जाता है. जो कि जानलेवा हो सकती है.
टाइप 2 डायबिटीज में सालों तक इंसान को इसे लक्षण नजर नहीं आते हैं. अधिकतर लोगों को डायबिटीज के बारे में तब पता चलता है जब इसका असर शरीर के अन्य अंगो जैसे किडनी, आंख, हार्ट या नसों पर पड़ता है.
टाइप 2 डायबिटीज को किया जा सकता है कंट्रोल
डॉक्टर के अनुसार टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल करके इसके रिस्क को कम किया जा सकता है.
रोजना एक्सरसाइज करें.
वजन को कंट्रोल रखें
बैलेंस डाइट का सेवन करें
पूरी नींद लें.
हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें
टाइप 1 डायिबटीज को नहीं कर सकते कंट्रोल
टाइप 1 डायबिटीज को लाइफस्टाइल में बदलाव करके कंट्रोल नहीं किया जा सकता है. टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन इंजेक्शन लेना बेहद जरूरी होता है.