जयपुर: राजस्थान से पर्यावरण प्रेमियों और प्रदेशवासियों के लिए बेहद सुखद खबर आई है। लोकसभा में पेश की गई ‘ इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2023 ‘ के अनुसार, राजस्थान ने वर्ष 2021 से 2023 के बीच अपने वन और वृक्ष आवरण में 394.5 वर्ग किलोमीटर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। जंगलों के क्षेत्रफल में हुई इस बढ़ोतरी के मामले में राजस्थान पूरे देश में चौथे स्थान पर रहा है।
संसद में सरकार ने दिया ब्योरा
लोकसभा में भाजपा सांसद अमरा राम के एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने यह आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान का कुल वन और वृक्ष आवरण जो वर्ष 2021 में लगभग 26,995 वर्ग किमी था, वह 2023 में बढ़कर 27,389 वर्ग किमी से अधिक हो गया है।
देशभर में कुल 1,446 वर्ग किमी वन आवरण बढ़ा है। राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के बाद राजस्थान चौथे नंबर पर है। दूसरी तरफ मध्य प्रदेश, कर्नाटक, लद्दाख और नागालैंड जैसे राज्यों में हरियाली में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है।
क्यों रंग लाई राजस्थान की हरियाली?
केंद्र सरकार ने इस बढ़ोतरी का श्रेय ग्रीन इंडिया मिशन, कैम्पा, नगर वन योजना और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों के साथ-साथ स्थानीय पंचायतों और समुदायों की सक्रिय भागीदारी को दिया है। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर एल.के. शर्मा ने बताया कि यह केवल प्राकृतिक जंगलों का फैलाव नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई कारण हैं-
क्या कहता है वन सर्वेक्षण?
भारतीय वन सर्वेक्षण उपग्रह तस्वीरों और जमीनी सत्यापन के आधार पर यह रिपोर्ट हर दो साल में तैयार करता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस आंकड़े में जंगलों के साथ-साथ जंगलों के बाहर लगे पेड़ भी शामिल होते हैं। बावजूद इसके, रेगिस्तानी इलाके में 394 वर्ग किमी हरियाली का बढ़ना राजस्थान के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।