भागलपुर। पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए इनाम दिए जाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने इसको लेकर सख्त रुख अख्तियार करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि अब चहेतों को बार-बार इनाम देने का दौर खत्म। एक ही पुलिसकर्मी को बार-बार इनाम नहीं मिलेगा।
मुख्यालय के मुताबिक, रूटीन वर्क में पुलिस अधीक्षक या अन्य पदाधिकारी नकद इनाम जो दे रहे थे, उस पर अंकुश लगाते हुए यह भी साफ कर दिया है कि साल में चार बार से ज्यादा नकद पुरस्कार नहीं दिया जा सकता। यही नहीं अब पद के हिसाब से पुरस्कार राशि तय होगी।
पुलिस महकमे में एकरूपता लाने के लिए मंगलवार को नई गाइडलाइन तय करते हुए डीजीपी ने कहा कि अब एसपी-एसएसपी एक लाख रुपये तक का पुरस्कार दे सकते हैं। उनके स्तर पर राशि की समय सीमा नहीं। सिपाही को अधिकतम दो हजार रुपये का पुरस्कार दिया जा सकता है।
असाधारण काम करने वाले पुलिस कर्मियों को मिलेगा मौका
डीजीपी ने साफ कर दिया है कि असाधारण काम करने वाले हर पुलिसकर्मी को इनाम मिलेगा। उनके निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने नगद पुरस्कार देने की नई गाइडलाइन जारी की है। नए नियम के मुताबिक अब कोई पदाधिकारी अपनी मर्जी से कितनी भी राशि का इनाम नहीं दे सकेगा।
एसपी अधिकतम एक लाख और सिपाही को एक बार में 2000 रुपये से ज्यादा नहीं मिलेंगे। साथ ही एक पुलिस कर्मी को साल में चार बार से ज्यादा पुरस्कृत भी नहीं किया जाएगा।
डीजीपी का मानना है कि कुछ खास लोगों को बार-बार पुरस्कृत करने से बाकी योग्य पुलिसकर्मी हतोत्साहित होते हैं। इसलिए अब पद और काम के आधार पर ही इनाम मिलेगा। रूटीन ड्यूटी करने पर कोई इनाम नहीं देगा। इनाम सिर्फ कठिन और विशेष परिस्थितियों में किए गए काम के लिए ही मिलेगा। डीजीपी ने भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार समेत सभी जिलों के एसपी-एसएसपी और जोन के आईजी को इसका कड़ाई से पालन करने को कहा है।
पद के अनुसार एक बार में मिलने वाली अधिकतम राशि की तय
अब ग्रुप घ के दायरे में आने वाले कर्मी को एक हजार रुपये, सिपाही को दो हजार रुपये, हवलदार को 25 सौ रुपये, सहायक अवर निरीक्षक को तीन हजार रुपये, पुलिस अवर निरीक्षक को चार हजार रुपये और इंस्पेक्टर को पांच हजार रुपये की राशि का पुरस्कार दिया जाएगा।
अब पुरस्कार देने वाले वरीय पदाधिकारियों को यदि किसी को चार बार से ज्यादा पुरस्कार देना हो या तय सीमा से अधिक राशि देनी हो तो इसके लिए डीजीपी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
नये आदेश बाद डीजीपी असीमित राशि, अपर पुलिस महानिदेशक तीन लाख रुपये, पुलिस महानिरीक्षक दो लाख रुपये, पुलिस उप महानिरीक्षक को डेढ लाख रुपये और पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस महानिरीक्षक एक लाख रुपये तक का पुरस्कार दे सकेंगे।