उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए जिला प्रशासनों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. दूसरी ओर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 99 सड़कें अब भी बंद हैं.
हालांकि राहत की बात यह है कि चारधाम यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है, हालांकि प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है. इसी बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे दल के एक श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई.
IMD ने जारी किया पांच दिन का मौसम अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 23 से 27 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं. पर्वतीय जिलों में भूस्खलन, बोल्डर गिरने और नालों के उफान पर आने की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है. जिला प्रशासनों को आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संसाधन तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.
बारिश से 99 सड़कें ठप, कई इलाकों का संपर्क प्रभावित
एसईओसी की शाम की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 99 सड़कें बंद हैं. इनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग (BRO), एक प्रमुख जिला मार्ग (MDR), 25 लोक निर्माण विभाग की सड़कें तथा 71 ग्रामीण और पीएमजीएसवाई सड़कें शामिल हैं. बारिश और मलबा आने से पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और पौड़ी के कई ग्रामीण इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है. संबंधित विभागों की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़कें खोलने में जुटी हैं.
चारधाम यात्रा सामान्य, 45 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन
मौसम की चुनौती के बावजूद चारधाम यात्रा फिलहाल बिना किसी बड़े व्यवधान के जारी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक चारों धामों में 45 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.
बदरीनाथ धाम – 15.27 लाख से अधिक श्रद्धालु
केदारनाथ धाम – 14.11 लाख से अधिक श्रद्धालु
गंगोत्री धाम – 7.03 लाख से अधिक श्रद्धालु
यमुनोत्री धाम – 6.47 लाख से अधिक श्रद्धालु
प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है.
कैलाश मानसरोवर यात्रा से आई दुखद खबर
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे दल के एक श्रद्धालु की बुधवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान निवासी 64 वर्षीय गौरी शंकर खंडेलवाल की धारचूला क्षेत्र में अचानक तबीयत खराब हो गई थी. उन्हें हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रशासन ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को सूचना दे दी है.
दिनभर चले राहत कार्यों के दौरान कई स्थानों पर मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया. देहरादून-मसूरी मार्ग, ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों सहित कई महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों पर आवाजाही शुरू करा दी गई है. हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में अभी भी कई ग्रामीण सड़कें बंद हैं और उन्हें खोलने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.
नदियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी और बचाव दल तैनात रखने, नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा न करें. भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और गदेरों के आसपास जाने से बचें. चारधाम और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें.