बेगूसराय। बिहार सरकार द्वारा पंचायतों के परिसीमन की अधिसूचना जारी होते ही छौड़ाही प्रखंड में संभावित बदलाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण किया जाना है। आबादी के अनुपात में मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंचायत समिति सदस्य (पंसस) के पदों में बदलाव की संभावना है। इससे कई पंचायतों में चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं। हालांकि पदों की वास्तविक संख्या परिसीमन के प्रारूप, आपत्तियों के निस्तारण और अंतिम अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी।
सात हजार की आबादी पर एक मुखिया
वर्तमान में छौड़ाही प्रखंड की 10 पंचायतों में मुखिया और सरपंच के 10-10 पद हैं। पंचायत समिति सदस्य के 14, जबकि जिला परिषद सदस्य के दो पद हैं। इसके अलावा वार्ड सदस्य और पंच के 145-145 पद सृजित हैं। प्रस्तावित मानक के अनुसार करीब सात हजार की आबादी पर एक मुखिया, पांच हजार की आबादी पर एक पंसस और 50 हजार की आबादी पर एक जिला परिषद सदस्य का निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित होने की संभावना है। वहीं करीब 500 की आबादी पर वार्ड का निर्वाचन क्षेत्र तय किया जा सकता है। ऐसे में अधिक आबादी वाली पंचायतों में पदों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
सहुरी से अमारी तक बदल सकता है समीकरण
2011 की जनगणना के अनुसार शाहपुर पंचायत की आबादी 7,069 है। इसलिए यहां मुखिया और पंचायत समिति सदस्य के वर्तमान पदों में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। वहीं 14,161 आबादी वाली सहुरी पंचायत में मुखिया का एक अतिरिक्त पद बनने की संभावना है। यहां पंसस के पद भी दो से बढ़कर तीन हो सकते हैं। 10,169 आबादी वाली मालपुर पंचायत में पंसस की एक सीट बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। 12,437 आबादी वाले सिहमा में मुखिया और पंसस के एक-एक अतिरिक्त पद बन सकते हैं।
अमारी में भी बढ़ सकती है मुखिया की एक सीट
अमारी पंचायत की आबादी 14,925 है। ऐसे में यहां मुखिया का एक नया पद बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। पंचायत समिति सदस्य के पद भी दो से बढ़कर तीन हो सकते हैं। आबादी बढ़ने के साथ निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन से पंचायत की राजनीतिक तस्वीर बदल सकती है। नए पद बनने की स्थिति में पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की संख्या भी बढ़ सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
तीन मुखिया और चार पंसस पद बनने की संभावना
19,856 आबादी वाली सावंत पंचायत में परिसीमन के बाद सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
यहां वर्तमान व्यवस्था की तुलना में मुखिया के तीन और पंचायत समिति सदस्य के चार पद बनने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं 12,048 आबादी वाली ऐजनी पंचायत में मुखिया और पंसस का एक-एक अतिरिक्त पद बनने की उम्मीद है।
18,719 आबादी वाले नारायणपीपड़ में एक अतिरिक्त मुखिया और दो अतिरिक्त पंसस पद सृजित हो सकते हैं। इन बदलावों से पंचायत स्तर पर चुनावी दावेदारों की संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है।
परोड़ा और एकंबा में मुखिया पद यथावत
10,161 आबादी वाले परोड़ा पंचायत में मुखिया का पद यथावत रहने की संभावना है। हालांकि पंचायत समिति सदस्य का एक अतिरिक्त पद बढ़ सकता है। इसी तरह 9,315 आबादी वाले एकंबा पंचायत में भी पंसस का एक अतिरिक्त पद मिलने की संभावना है। इससे पंचायत समिति के चुनावी समीकरण में बदलाव हो सकता है। दूसरी ओर वार्डों के पुनर्निर्धारण से स्थानीय स्तर पर कई क्षेत्रों की सीमाएं भी बदल सकती हैं। ऐसे में परिसीमन का असर केवल बड़े पदों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है।
जिला परिषद के दो क्षेत्रों पर भी पड़ेगा असर
छौड़ाही प्रखंड की कुल आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 1,24,191 है। वर्तमान में जिला परिषद सदस्य के दो निर्वाचन क्षेत्र संख्या सात और आठ हैं। क्षेत्र संख्या सात में सहुरी, सिहमा, मालपुर, अमारी और शाहपुर पंचायतें शामिल हैं, जिनकी कुल आबादी 58,771 है। वहीं क्षेत्र संख्या आठ में सावंत, नारायणपीपड़, ऐजनी, परोड़ा और एकंबा पंचायतें आती हैं, जिनकी कुल आबादी 65,420 है। परिसीमन के बाद इन निर्वाचन क्षेत्रों की संरचना में भी बदलाव की संभावना पर नजर बनी हुई है। अंतिम परिसीमन जारी होने के बाद ही साफ होगा कि छौड़ाही में कितनी नई राजनीतिक कुर्सियां बढ़ती हैं और किस पंचायत का चुनावी गणित पूरी तरह बदल जाता है।