मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्ग पर पर्दे से बिकेगी शराब: 113 दुकानों को ढका जाएगा

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को शांति और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए प्रशासन और आबकारी विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। कांवड़ यात्रा मार्ग और उसके आसपास स्थित शराब की दुकानों को पर्दों से ढकने का अभियान शनिवार से शुरू कर दिया गया।

अब शिवरात्रि 11 अगस्त तक इन दुकानों से शराब की बिक्री पर्दे के पीछे से होगी और दुकानें बाहर से पूरी तरह ढकी रहेंगी, ताकि शराब की बोतलें या दुकानें खुलेआम दिखाई न दें।

शनिवार को शहर के नवॉल्टी चौराहे के पास स्थित एक शराब की दुकान पर पर्दा लगाकर इस व्यवस्था की शुरुआत की गई। आबकारी विभाग की टीमें दिनभर विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करती रहीं और कांवड़ यात्रा मार्ग पर आने वाली अन्य दुकानों को भी चरणबद्ध तरीके से पर्दों से ढकने का कार्य शुरू कर दिया गया। अगले कुछ दिनों में सभी चिन्हित दुकानों पर यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

आबकारी निरीक्षक (नगरीय) अनिल कुमार ने बताया कि जनपद में कुल 113 शराब की दुकानें ऐसी हैं, जो कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित हैं या उसके निकट हैं। विभाग द्वारा इन सभी दुकानों को पर्दों से ढकने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं के सम्मान और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

उन्होंने बताया कि शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। लाइसेंसधारी दुकानों पर निर्धारित नियमों के तहत बिक्री जारी रहेगी, लेकिन दुकानें बाहर से पर्दों से ढकी रहेंगी और शराब का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। ग्राहकों को भी खरीदारी पर्दे के पीछे से करनी होगी।

हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसी प्रकार की व्यवस्था लागू की जाती है, ताकि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान बना रहे और किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। मुज़फ़्फ़रनगर में भी इस बार प्रशासन ने यात्रा शुरू होने से पहले ही तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया है।

आबकारी विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी चिन्हित दुकानों की नियमित निगरानी भी की जाएगी। यदि किसी दुकान पर निर्धारित निर्देशों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लाइसेंसधारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार निगरानी रखेंगे।