धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर राजस्थान में जश्न, जयपुर के शहीद स्मारक पर छात्रों ने किया डांस

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजस्थान में छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को कई शहरों में जश्न मनाया। राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने ढोल-नगाड़ों पर नाचकर खुशी जाहिर की। वहीं कोटा, सीकर, अजमेर और जोधपुर समेत कई जिलों में आतिशबाजी की गई और कांग्रेस ने विजय मार्च निकालकर इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया।

जंतर-मंतर आंदोलन की राजस्थान में दिखी गूंजदिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के विरोध में चल रहे आंदोलन की गूंज पिछले कई दिनों से राजस्थान में भी देखने को मिल रही थी। जयपुर में राजस्थान यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट और शहीद स्मारक पर छात्र लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। छात्र नेता शुभम रेवाड़ भी तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे थे।
शहीद स्मारक पर डांस, मिठाई बांटीधर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जयपुर के शहीद स्मारक पर मौजूद छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और नाच-गाकर खुशी का इजहार किया। छात्रों ने कहा कि यह उनके लंबे संघर्ष का परिणाम है और युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

धरना खत्म, लेकिन आंदोलन जारी रखने का ऐलानछात्रों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया जाता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। हालांकि शाम करीब चार बजे के बाद अधिकांश छात्र धरना स्थल से लौट गए और स्थिति सामान्य हो गई।

सरकार ने पहले ही बढ़ा दी थी सुरक्षाआंदोलन को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर निगरानी रखने, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति से तत्काल निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया था।

संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तैनातजयपुर में राजस्थान यूनिवर्सिटी, जवाहर सर्किल, शहीद स्मारक और अन्य संभावित प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। आंदोलन समाप्त होने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखते हुए हालात सामान्य बनाए रखे।

जयपुर में कांग्रेस का विजय मार्चकेंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और विपक्ष की जीत बताते हुए प्रदेशभर में विजय मार्च निकाला। जयपुर में स्टैच्यू सर्किल से अंबेडकर सर्किल तक निकाले गए मार्च में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

टीकाराम जूली ने बीजेपी पर साधा निशानाटीकाराम जूली ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सबसे पहले राहुल गांधी ने मांगा था और यह मांग बाद में पूरे देश की आवाज बन गई। उनके अनुसार छात्रों के आंदोलन और जनदबाव के कारण केंद्र सरकार को अपने मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब यह पैदल मार्च विजय मार्च में बदल गया है और आने वाले समय में जनता भाजपा सरकार को जवाब देगी।

डोटासरा बोले- युवाओं की जीत हुईप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे छात्रों के संघर्ष, न्याय और सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर लंबे समय तक आंदोलन करने वाले युवाओं की आवाज के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा।

सीकर में श्रद्धांजलि के बाद विजय मार्चसीकर में कांग्रेस ने अंबेडकर पार्क से बजाज सर्किल तक विजय मार्च निकाला। मार्च से पहले आयोजित सभा में कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। विधायक राजेंद्र पारीक ने कहा कि छात्रों ने अपने संघर्ष से यह साबित कर दिया कि लगातार प्रयास करने वालों की जीत होती है। वहीं जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने इसे छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की जीत बताया।

अजमेर में आतिशबाजी कर मनाया जश्नअजमेर में शहर और देहात कांग्रेस ने ज्योतिबा फुले सर्किल पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया। किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी ने कहा कि पहली बार केंद्र सरकार को छात्रों की आवाज के आगे झुकना पड़ा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और छात्र शक्ति की जीत बताया।