भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के पारोली थाना क्षेत्र के बागड़ा गांव में रविवार सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। गांव के ही 28 वर्षीय युवक लाला राम माली ने अपनी ही दादी एजी देवी (60) की चिमटे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि परिजन उन्हें खून से लथपथ हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी प्रभाती लाल मीणा के अनुसार, आरोपी लाला राम गांव में बने धार्मिक स्थान पर भोपा के रूप में पूजा-अर्चना करता था। रविवार सुबह भी वह सेवा पूजा कर रहा था। लगभग 8:30 बजे पूजा स्थल से सीधे घर लौटा और साथ में पूजा में इस्तेमाल होने वाला बड़ा लोहे का चिमटा लेकर आया। इसी चिमटे से उसने अपनी दादी पर कई वार किए।
मृतका का बेटा कान्हा माली ने बताया कि उसकी मां उस समय चूल्हे पर खाना बना रही थी। तभी लाला राम अचानक घर में घुसा और चिमटे से सिर पर वार करने लगा। कान्हा ने रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार हमला करता रहा। एजी देवी गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ीं। खून से लथपथ हालत में उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और गांव के पास मक्के के खेतों में जाकर छुप गया। सूचना पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और चार घंटे की तलाश के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल चिमटा बरामद कर लिया है।
फिलहाल हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लाला राम भोपा के रूप में पूजा-पाठ करता था और गांव वालों के बीच उसकी मानसिक स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं परिवारिक विवाद या मानसिक असंतुलन के चलते तो वारदात को अंजाम नहीं दिया गया।
घटना के बाद गांव में दहशत और सनसनी का माहौल है। लोग हैरान हैं कि पूजा-पाठ करने वाला युवक इतनी नृशंस हत्या कैसे कर सकता है। परिजनों ने आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मृतका के बेटे की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि आखिर उसने अपनी ही दादी की जान क्यों ली। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।