बिहार में सीएम उम्मीदवारी पर तेजस्वी यादव के खुले ऐलान ने चौंकाया, अब क्या करेगे राहुल गांधी?

आरा: बीते 24 अगस्त को राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा अररिया पहुंची थी तो उन्होंने महागठबंधन की एकता और मतदाता जागरूकता पर जोर दिया था, लेकिन तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का सवाल टाल गए थे. लेकिन शनिवार (30 अगस्त) को तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी के सामने ही तेजस्वी यादव ने खुद को सीएम उम्मीदवार घोषित कर दिया. आरा में शनिवार को आयोजित ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की रैली में राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने एकतरफा घोषणा करते हुए खुद को इंडिया ब्लॉक का मुख्यमंत्री चेहरा बताया.

भोजपुर के आरा में वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के 14वें दिन यह बड़ा सियासी मोड़ तब आया जब आरेजेडी नेता तेजस्वी यादव अपना संबोधन दे रहे थे. आरा की जनसभा में तेजस्वी ने साफ कर दिया कि वह बिहार में महागठबंधन का चेहरा हैं. दरअसल, जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, जनता को ओरिजिनल सीएम चाहिए, डुप्लीकेट नहीं. यह तंज नीतीश कुमार पर था, लेकिन उन्होंने अपरोक्ष रूप से ही सहीराहुल गांधी के सामने ही खुद को सीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट कर दिया.

महागठबंधन का सीएम तेजस्वी!
बता दें कि जनसभा में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी मंच पर एक साथ नजर आए. इसी मंच से तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, बच्चे जैसे कागज की नाव और प्लेन बनाकर उड़ाते हैं, नीतीश कुमार के वादे वैसे ही होते हैं. आप पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई वाली सरकार बनाइए. हम पढ़ाई, दवाई, कमाई और सिंचाई वाली सरकार बनाएंगे. ओरिजिनल CM चाहिए या डुप्लीकेट, फैसला आपको करना है. उनकी इस घोषणा को भीड़ ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने लोगों से ओरिजिनल और डुप्लिकेट सीएम की बात कहते हुए खुद को सीएम उम्मीदवार बता दिया.

राहुल गांधी और अन्य महागठबंधन नेताओं के सामने खुद को तेजस्वी यादव के बिहार का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के मामले नेबिहार की राजनीति में नया रंग भर दिया. खासकर तब जब राहुल पहले तेजस्वी के सीएम बनने के सवाल पर टालमटोल कर चुके थे.बता दें कि पिछले दिनों जब पत्रकारों ने राहुल गांधी से तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार बनाने के बारे में पूछा था, तो उन्होंने जवाब देने से कन्नी काट ली थी. यह कांग्रेस और आरजेडी के बीच तनाव की अटकलों को हवा दे रहा था.

तेजस्वी पर राहुल गांधी ने क्या कहा था?
बता दें कि बीते 24 अगस्त को राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा अररिया पहुंची थी जहां उन्होंने महागठबंधन की एकता और मतदाता जागरूकता पर जोर दिया था. इसी दौरान पत्रकारों के एक सवाल पर राहु गांधी के जवाब ने महागठबंधन की सियासत को लेकर फिर संशय के बादल छोड़ दिये थे. दरअसल, पत्रकारों ने पूछा था कि क्या 2025 विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाएगा, तब राहुल गांधी ने जवाब देने से कन्नी काट ली थी. उन्होंने कहा था, हमारा फोकस बिहार के लोगों के मुद्दों पर है. हमलोग बेहतर तालमेल से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा वोट चोरी का है. उन्होंने कहा कि गठबंधन मिलकर रणनीति बनाएगा. तेजस्वी यादव बगल में बैठे हुए थे और तब राहुल गांधी की सीएम पद पर इस चुप्पी ने सियासी अटकलों को हवा दे दी थी.

तेजस्वी यादव ने साफ संदेश दे दिया
बता दें कि राजद समर्थक तेजस्वी को CM चेहरा मानते हैं, जबकि कांग्रेस अपनी भूमिका मजबूत करना चाहती है और वोटर अधिकार यात्रा का यह पड़ाव बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन के लिए अहम था. आरा में भारी भीड़ के बीच तेजस्वी यादव की इस घोषणा ने न केवल नीतीश सरकार को चुनौती दी, बल्कि कांग्रेस और अन्य सहयोगियों को भी साफ संदेश दिया कि आरजेडी बिहार में नेतृत्व की कमान अपने हाथ में रखना चाहती है. बता दें कि आरा के वीर कुंवर सिंह स्टेडियम के अंदर और बाहर भारी भीड़ जुटी. समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ नेताओं का स्वागत किया. राहुल गांधी ने केंद्र और बिहार सरकार पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जबकि तेजस्वी की घोषणा ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरा.