RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आरबीआई ने MPC की बैठक के बाद सर्वसम्मति से रेपो रेट में कोई कटौती नहीं करते हुए उसे 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा गया है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के फैसलों का ऐलान करते हुए ब्याज दरों को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया. रेपो रेट नहीं घटाए जाने से लोन की ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा, जिससे लोन पर EMI कटौती का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है. जो लोग इस बात का इंतजार कर रहे थे कि आरबीआई के फैसले से उनके लोन की EMI कम हो जाएगी, वो निराश है. हालांकि हम आपको तीन ऐसे तरीके बता रहे हैं जिसमें बिना आरबीआई की ओर से रेपो रेट में कटौती किए ही आप न केवल EMI बचा सकते हैं, बल्कि समय से पहले होम लोन खत्म कर लाखों की सेविंग कर सकते हैं.
सिंपल ट्रिक से लोन पर बचेंगे लाखों रुपये
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भले ही रेपो रेट में कटौती नहीं की, भले ही आरबीआई के फैसले से आपके EMI में कटौती नहीं हुई, लेकिन बिना इस राहत के भी आप न केवल अपनी EMI को घटा सकते हैं, बल्कि होम लोन पर लाखों की बचत भी कर सकते हैं. अगर इन तीन ट्रिक्स को फॉलो कर लें तो आपके होम लोन की EMI कम हो जाएगी.
50 लाख के लोन पर बचा लेंगे 20 लाख
अगर आप होम लोन पर ईएमआई की सेविंग करना चाहते हैं, लोन के पैसे में बचत करना चाहते हैं तो छोटी सी ट्रिक अपनाकर बड़ी सेविंग कर सकते हैं.अगर आप हर साल सिर्फ एक एक्स्ट्रा EMI भर दें तो न केवल लोन पर पैसे की बच कर लेंगे, बल्कि इसका बोझ भी हल्का हो जाएगा. अगर आपने 50 लाख रुपये की लोन ली है, आपके लोन की ब्याज दर 8.5% की है और लोन का टेन्योर 25 साल का है तो पूरे टेन्योर में आप सिर्फ ब्याज के तौर पर 70.78 लाख रुपये चुकाते हैं. जबकि मूलधन के साथ जोड़कर आपके लोन का कुल पेमेंट 1.21 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है. इस लोन और ब्याज दर के हिसाब से आपके लिए हर महीने की ईएमआई 40,261 रुपये बनती है.
एक एक्स्ट्रा EMI, लोन पर लाखों की बचत
अगर आप हर साल एक एक्सट्रा ईएमआई भर देते हैं , यानी हर साल 40,261 रुपये का एक्सट्रा पेमेंट करते हैं तो 25 साल के टेन्योर के होम लोन पर आप करीब 18.30 लाख रुपये का ब्याज बचा लेते हैं. जो ब्याज 70.78 लाख रुपये का था, वो घटकर 52.47 लाख रुपये पर पहुंच जाता है. यानी 50 लाख रुपये लोन के लिए आप 18 से 20 लाख रुपये तक की सेविंग कर लेंगे.
प्रीमेंट का जादू, बचा लेंगे लाखों
लोन में प्री पेमेंट का विकल्प आपके लोन के बोझ को न केवल जल्दी कम कर देता है, बल्कि ब्याज के लाखों रुपये बचाता है. होम वोन के शुरुआती सालों में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है और मूलधन धीरे-धीरे कम होता है. अगर आप बीच-बीच में प्रीपेमेंट करते रहे तो आपका मूलधन कम होता जाएगा. इससे भविष्य का ब्याज कम हो जाता है.
जितना हो सकते कम टेन्योर और ज्यादा EMI का ऑप्शन चुने
आप जितना हो सके लोन का टेन्योर कम रखे और EMI जितना भर सकते हैं, उतना अधिक रखे, इससे आपको लोन जल्दी खत्म करने के साथ-साथ ब्याज के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा आप अगर टाइम से EMI चुकाते हैं, आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, तो बैंक के साथ मोलभाव करें. बैंक से ब्याज दर कम करने के लिए बात करें. अगर दूसरा बैंक कम ब्याज पर लोन देरहा है तो वहां लोन स्विच करें.