छत्तीसगढ़ में 25 लाख का इनामी नक्सली पापा राव कौन है? सरेंडर की खबर से सनसनी

बस्‍तर. छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक और बड़ा विकास सामने आया है. कुख्यात नक्सली कमांडर पापा राव की सरेंडर की खबर ने पूरे बस्तर में सनसनी मचा दी है. 25 लाख रुपये के इनामी इस टॉप नक्सली लीडर के सरेंडर या उसके घिर जाने की अफवाह तेजी से फैलते ही सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया. पापा राव को बस्तर का आखिरी बड़ा नक्सली कमांडर माना जाता है. उसके बाद वेस्ट बस्तर डिवीजन कमेटी में कोई अनुभवी लीडर नहीं बचा है. खबर वायरल होने के बाद बस्तर के बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में सुरक्षा बलों ने अलर्ट बढ़ा दिया है. पुलिस ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि पापा राव घिर चुका है और या तो सरेंडर करेगा या मुठभेड़ में ढेर हो सकता है. यह घटना नक्सलवाद के 60 साल पुराने आंदोलन को लगभग खत्म करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है.

पापा राव का नाम बस्तर के जंगलों में दहशत का पर्याय रहा है. पिछले दो दशकों से वह माओवादी संगठन की वेस्ट बस्तर डिवीजन की कमान संभाल रहा था. हिडमा के मारे जाने के बाद वह क्षेत्र का सबसे अनुभवी और खतरनाक कमांडर बन गया था. 25 लाख रुपये का इनाम होने के बावजूद वह सुरक्षा बलों की कई घेराबंदियों से बच निकला. अब जब उसके सरेंडर की खबर आई है तो बस्तर के आदिवासी इलाकों में राहत की लहर दौड़ गई है. स्थानीय लोग कह रहे हैं कि अगर पापा राव मुख्यधारा में आ गया तो नक्सलवाद की आखिरी कड़ी भी टूट जाएगी. यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य रखा है. पापा राव के मामले में सुरक्षा बलों की सफलता पूरे अभियान की सबसे बड़ी कामयाबी होगी. 2025-26 में बस्तर में अब तक सैकड़ों नक्सली हथियार छोड़ चुके हैं. पापा राव का मामला अंतिम बड़ा कदम माना जा रहा है.

पापा राव का पूरा नाम और बैकग्राउंड क्‍या है?
पापा राव का असली नाम मंगू दादा या चंद्रन्ना है. वह सुकमा जिले के निमलगुड़ा गांव का रहने वाला है. 50 वर्ष से अधिक उम्र का यह नक्सली 1990 के दशक से माओवादी आंदोलन से जुड़ा हुआ है. वह वेस्ट बस्तर डिवीजन कमेटी का प्रमुख कमांडर है और कई बड़े हमलों की योजना बनाने का आरोप है.

पापा राव के सरेंडर की खबर कैसे फैली?
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पापा राव के सरेंडर की खबर वायरल हो गई. सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया है और आत्मसमर्पण का अल्टीमेटम दिया गया है. हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है. ऐसी भी खबरें हैं कि पापा राव ने सरेंडर कर दिया है, लेकिन अभी उसकी पुष्टि नहीं हुई है. आज या कल पुलिस उसके बारे में आधिकारिक तौर पर जानकारी देगी.

स्तर में नक्सलवाद पर क्या असर पड़ेगा?
पापा राव के सरेंडर या ढेर होने से वेस्ट बस्तर डिवीजन की पूरी संरचना ढह जाएगी. बस्तर में अब सिर्फ 100-125 नक्सली सक्रिय बचे हैं. उसके बाद कोई बड़ा कमांडर नहीं रहेगा. यह छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र के नक्सल मुक्त भारत अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी.

पुलिस की रणनीति और इनाम
पुलिस ने पापा राव पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. बस्तर आईजी सुंदरराज पी के मुताबिक पापा राव को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था. पिछले कुछ महीनों में 500 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके हैं.