20 करोड़ की धमकी, पाकिस्तानी लिंक और बड़ा ट्विस्ट… रोहित शेट्टी फिरौती केस में मुंबई क्राइम ब्रांच ने खोज निकाला चौंकाने वाला राज

बॉलीवुड के मशहूर फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी को 20 करोड़ रुपये की फिरौती वाली धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच तेजी से एक्शन में आ गई है. जांच के दौरान पुलिस को एक बहुत बड़ा सुराग हाथ लगा है. पता चला है कि रोहित शेट्टी के स्टाफ को जो धमकी भरा ऑडियो मैसेज भेजा गया था, उसमें पाकिस्तान से जुड़े एक वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि, पुलिस का मानना है कि ये ऑडियो भारत में ही कहीं रिकॉर्ड किया गया है. पुलिस को भटकाने के लिए ही इस वीपीएन का सहारा लिया गया है.

मुंबई पुलिस धमकी भरे वायरल ऑडियो क्लिप की सच्चाई का पता लगाने में जुटी है. इसके लिए ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. जांच टीमें इस क्लिप की आवाज का मिलान लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित मेंबर शुभम लोंकर की आवाज से कर रही हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले का असली सच फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगा. हालांकि, शुरुआती जांच में दोनों आवाजों के बीच कुछ सिमिलेरिटीज देखने को मिली हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस मामले में किसी की भी इनवोलमेंट की ऑफिशियल पुष्टि नहीं की है.

20 करोड़ रुपये की मांग
मुंबई पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. आपको बता दें कि ये पूरी घटना 28 जून 2026 को सामने आई थी, जब रोहित शेट्टी के दफ्तर के स्टाफ को करीब 90 सेकंड का एक ऑडियो मैसेज मिला. इस मैसेज में सीधे तौर पर 20 करोड़ रुपये की मांग की गई थी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी. मैसेज भेजने वाले ने ये भी दावा किया था, ‘पहले जो फायरिंग हुई थी, वे सिर्फ एक ट्रेलर था. अगर इस बार बात नहीं मानी गई, तो अगला निशाना सीधे फिल्ममेकर रोहित शेट्टी ही होंगे’.

सोशल मीडिया से जुटाई जानकारी
मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक हैरान करने वाली बात लगी. धमकी भरे उस ऑडियो में रोहित शेट्टी के जुहू वाले मकान, उनकी कीमती कारों और सिक्योरिटी का पूरा ब्योरा दिया गया था. हालांकि, पुलिस का साफ कहना है कि ये सारी बातें तो सोशल मीडिया और इंटरनेट पर आसानी से मिल जाती हैं. कोई भी इन्हें वहां से निकाल सकता है. इसी वजह से पुलिस को गहरा शक है कि किसी ने सिर्फ डराने और अपने झूठ को सच साबित करने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया है. उसने वहीं से ये सारे डिटेल्स जुटाए और फिर इस पूरी साजिश को अंजाम दे डाला.

पुलिस को प्रैंक का शक
मुंबई पुलिस की जांच में अभी तक किसी बड़े अंडरवर्ल्ड या जबरन वसूली करने वाले गैंग का हाथ होने का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है. शुरुआती छानबीन के आधार पर अधिकारी इस पूरे मामले को महज एक अफवाह या किसी की भद्दी शरारत यानी ‘प्रैंक’ भी मानकर चल रहे हैं. हालांकि, इसके बाद भी पुलिस सुरक्षा और जांच में कोई ढील नहीं दे रही है. क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें इस मामले से जुड़े हर एक डिजिटल सबूत को खंगाल रही हैं. पुलिस अधिकारी फोन कॉल रिकॉर्ड्स से लेकर तमाम इलेक्ट्रॉनिक डेटा की बारीकी से जांच करने में जुटे हैं ताकि सच सामने आ सके.

फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल सबसे बड़ा सस्पेंस इसी बात को लेकर है कि इस ऑडियो मैसेज को तैयार करने और वायरल करने के पीछे किसका हाथ है? पुलिस इस पहेली को सुलझाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है. जांच टीम ये पता लगा रही है कि क्या इस धमकी का सच में ‘लॉरेंस बिश्नोई’ गैंग से कोई लिंक है या फिर किसी की शरारत करने के लिए उनके नाम का सहारा लिया है. अब हर किसी की निगाहें पुलिस की अगली तफ्तीश और फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट पर टिकी हैं. इस रिपोर्ट के आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस पूरे मामले के पीछे की असली कहानी क्या है और सच सबके सामने आ सकेगा.