शिमला : हिमाचल पुलिस मुख्यालय ने DIG (टीटीआर) को सरकारी आवास खाली न करने के मामले में 1.80 लाख रुपये से अधिक का डैमेज चार्ज जमा करने का नोटिस जारी किया है. यह आवास शिमला के पुलिस अधीक्षक (SP) के लिए निर्धारित बताया गया है. नोटिस के अनुसार, संजीव गांधी ने 7 फरवरी 2026 को शिमला एसपी का पदभार छोड़ा था. नियमों के तहत उन्हें 7 मार्च तक आवास में रहने की अनुमति थी. इसके बाद आवास पर उनका कब्जा अनधिकृत श्रेणी में माना गया.
पुलिस मुख्यालय ने दावा किया है कि 12 मई 2026 को आवास खाली करने का नोटिस भी भेजा, लेकिन इसके बावजूद मकान खाली नहीं किया गया. नियमों के तहत विभाग ने 18 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रति माह की दर से डैमेज चार्ज लगाया. इसी आधार पर हिमाचल प्रदेश अलॉटमेंट ऑफ गवर्नमेंट रेजिडेंसेज (जनरल पूल) रूल्स-1994 के तहत मार्च, अप्रैल और मई 2026 की अवधि के लिए कुल 1,80,286 रुपये का डैमेज चार्ज लगाया गया है. नोटिस में साफ कहा गया है कि अधिकारी को यह रकम तुरंत जमा करनी होगी. यदि भुगतान नहीं किया गया तो राशि उनके वेतन से वसूल की जाएगी. साथ ही 1 जून 2026 के बाद भी हर महीने डैमेज चार्ज बढ़ता रहेगा, जब तक आवास खाली नहीं किया जाता.
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मकान खाली नहीं किया गया तो बेदखली (Eviction) की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है. नोटिस में चेतावनी दी गई है कि राशि जमा न करने की स्थिति में इसे वेतन से वसूल किया जा सकता है. साथ ही 1 जून 2026 से आवास खाली होने तक अतिरिक्त डैमेज चार्ज भी लागू रहेगा. प्रशासन ने आवास तत्काल खाली कर उसका कब्जा शिमला एसपी को सौंपने के निर्देश दिए हैं.
वहीं डीआईजी संजीव गांधी से जब इस नोटिस को लेकर उनका पक्ष पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह नोटिस अब तक उन्हें नहीं मिला. मीडिया के माध्यम से इसकी सूचना मिली है. यह डैफेमेटरी है, इसे चेलेंज किया जाएगा. उनकी छवि को खराब करने के लिए ऐसा किया जा रहा है और उन्हें ईमानदारी से काम करने की सजा दी जा रही है. उन्होंने कहा कि जीएडी की तरफ से उन्हें अकोमोडेशन नहीं मिली, इसलिए आवास खाली नहीं किया.