शिमला: नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस शिमला ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस थाना रोहड़ू के एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वित्तीय अन्वेषण (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) के आधार पर करीब 17 लाख रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई है. यह कार्रवाई पुलिस थाना रोहड़ू में दर्ज अभियोग संख्या 05/2026 से जुड़ी है.
नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रोहड़ू पुलिस थाना के अनुसार, इस मामले में महेंदली पुल के पास पंजाब निवासी जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह के कब्जे से उसकी टैक्सी में 83 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी. पुलिस ने मौके पर वाहन भी जब्त कर लिया था. जांच के दौरान बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है.
नशा तस्करी से अर्जित 17 लाख की अवैध संपत्ति जब्त
एसपी गौरव सिंह ने बताया कि, “जांच के दौरान वित्तीय अन्वेषण में सामने आया कि पहले गिरफ्तार आरोपी शुभम दरकाल, निवासी चिड़गांव ने नशा तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से एक लग्जरी वाहन खरीदा था. इसके अलावा मामले में बरामद नकदी भी नशा तस्करी से अर्जित आय पाई गई. इसके आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत लग्जरी वाहन और नकदी सहित करीब ₹17 लाख की संपत्ति फ्रीज/जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं.”
इस साल 4.29 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक वित्तीय अन्वेषण के आधार पर 7 मामलों में 25 आरोपियों की कुल 4.29 करोड़ की अवैध संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं. यह कार्रवाई पूरे हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा इस वर्ष की गई सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती मानी जा रही है. वर्ष 2024 और 2025 में इस प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जबकि अब पुलिस मिशन मोड में नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर लगातार प्रहार कर रही है. इसके साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी कानून के तहत जब्त किया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके.