मुजफ्फरनगर में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 37 करोड़ का लेनदेन

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में साइबर थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिशा पेपर मिल के पूर्व कंसल्टेंट निदेशक दिनेश चंद्र शर्मा से हुई एक करोड़ रुपये की ठगी में फरार था।

आरोपी के खाते में इस ठगी के बाद प्रथम चरण में 33 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रिकॉर्ड की जांच की गई तो बड़ा राजफाश हुआ। आरोपी अंतरराष्ट्रीय ठगों के साथ मिलकर उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराता था। उसने फर्जी बलसा कंस्ट्रक्शन फर्म बनाकर दो बैंक खातों में 37 करोड़ रुपये से अधिक ठगी की रकम मंगवाई थी।

एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने गुरुवार को बताया कि एक माह पूर्व दिनेश चंद्र शर्मा से फेसबुक पर गीतिका कपूर उर्फ जीजी नामक महिला ने दोस्ती के बाद एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कराया था। निवेश की रकम निकालने के लिए मानसिक दबाव बनाकर धोखाधड़ी की गई।

इस मामले में पूर्व में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि ठगी के बाद 33 लाख रुपये छत्तीसगढ़ राज्य के एक बैंक खाते में गए थे। इसकी जांच थाना प्रभारी साइबर कर्मवीर सिंह व दारोगा महेंद्र सिंह ने की।

छत्तीसगढ़ के जिला बलरामपुर रामानुजगंज के गांव पंडारी निवासी बलवंत जायसवाल को उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। उसे गुरुवार को मुजफ्फरनगर लाकर पूछताछ की गई।

एसपी क्राइम ने बताया कि आरोपी वर्ष 2024 से बसला कंस्ट्रक्शन फर्म बनाकर उसके दो बैंक खातों को साइबर ठगी में प्रयोग कर रहा था। आईडीबीआइ बैंक खाते में देशभर से 12 शिकायतों पर 8.42 करोड़ रुपये और एक्सिस बैंक खाते में 36 शिकायतों के आधार पर 29.11 करोड़ रुपये की ठगी हुई।

इनके अलावा मोबाइल नंबर पर पांच शिकायत के सापेक्ष 24 लाख रुपये से अधिक की ठगी में इसके खाते में 85 हजार रुपये आए थे। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल में चार मोबाइल नंबर अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक्टिव मिले हैं। इन पर उसकी निरंतर बातचीत हुई है।

साइबर थाना पुलिस इसकी गहनता से पड़ताल कर रही है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे भेज दिया गया।