बिलखे पिता, रोई बेटी… 2 मिनट की देरी से टूटा डॉक्टर बनने का सपना, NEET सेंटर के बाहर का वीडियो वायरल

देशभर में नीट यूजी 2026 री-एग्जाम कड़ी सुरक्षा और सख्त नियमों के बीच आयोजित किया गया. लेकिन इसी परीक्षा से जुड़ी एक भावुक घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. एक छात्रा परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से केवल 2 मिनट देरी से पहुंची, जिसके कारण उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली. इसके बाद परीक्षा केंद्र के बाहर छात्रा फूट-फूटकर रोने लगी, जबकि उसके पिता भी बेहद भावुक नजर आए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

छात्रा के पिता ने बताया कि वे अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए लगभग 70 किलोमीटर दूर से आए थे. रास्ते में भारी बारिश और ट्रैफिक जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा प्रभावित हुई. उन्होंने दावा किया कि तमाम मुश्किलों के बावजूद वे समय पर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कुछ मिनटों की देरी उनके लिए भारी पड़ गई. पिता की बेबसी और बेटी के टूटते हुए सपने ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया.

सेंटर के बाहर क्या हुआ?
परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद लोगों के अनुसार छात्रा लगातार अधिकारियों से अंदर जाने की अनुमति देने की गुहार लगाती रही. उसके पिता भी अधिकारियों से अनुरोध करते दिखाई दिए. हालांकि परीक्षा से जुड़े नियमों के कारण केंद्र प्रशासन ने उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया. इसके बाद छात्रा की आंखों से आंसू बहने लगे और वह वहीं बैठकर रोने लगी. यह दृश्य देखकर कई अभिभावक भी भावुक हो गए.

क्या NEET में लेट एंट्री की अनुमति होती है?
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रवेश के लिए समय सीमा पहले से निर्धारित होती है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह देती है. निर्धारित समय के बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं दिया जाता, चाहे देरी कुछ मिनटों की ही क्यों न हो. एजेंसी का मानना है कि इससे परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित होती है.

वीडियो वायरल होने की वजह क्या है?
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. वीडियो में छात्रा को रोते हुए और उसके पिता को अधिकारियों से बात करते हुए देखा जा सकता है. कई लोग छात्रा के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं, जबकि कुछ लोग परीक्षा नियमों का समर्थन भी कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या कुछ मिनट की देरी के मामलों में विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए.