यूपी में पीएम-आरकेवीवाई के तहत 3379 करोड़ की योजना स्वीकृत

लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3379.11 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृति दी गई।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को परियोजनाओं का प्रभावी, समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया है। साथ ही मखाना की खेती, मधुमक्खी पालन और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।

मुख्य सचिव कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, समेकित पोषण व कीट प्रबंधन तथा फसलोत्तर अवसंरचना के विकास पर फोकस करने के लिए कहा। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने और कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने कृषि कल्याण केंद्रों की स्थापना, पैक्स गोदाम निर्माण, रेशम उत्पादन के लिए चाकी रियरिंग सेंटर और कृषि विश्वविद्यालयों में चल रहे विकास कार्यों को जून 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। निर्माणपरक परियोजनाओं की त्रैमासिक समीक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।

उन्होंने निर्देशित किया कि केंद्रांश की 1551.62 करोड़ रुपये की धनराशि को भारत सरकार से शत-प्रतिशत जारी कराया जाए। गन्ना विभाग को रेडराट प्रतिरोधी प्रजातियों को बढ़ावा देने तथा धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।

समिति ने कृषि व संबद्ध विभागों के लिए कई प्रमुख योजनाओं जैसे नेशनल मिशन आन एडिबल आयल्स, दालों में आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, कृषि यंत्रीकरण, उद्यान विकास, मखाना विकास, लघु सिंचाई, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन आदि के अंतर्गत कार्य योजनाओं को स्वीकृति दी।

बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान 91 प्रतिशत व्यय प्रगति पर संतोष भी व्यक्त किया गया। इस अवसर पर कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, खाद्य प्रसंस्करण, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।