चंडीगढ़: हरियाणा के बहादुरगढ़ में सड़क किनारे बैठे रेहड़ी वालों को खदेड़ने और सब्जी-खिलौनों की दुकानों को बुलडोजर से हटाने के एसीपी ट्रैफिक दिनेश कुमार के वीडियो से मचे बवाल के बीच प्रदेश के डीजीपी को सफाई देनी पड़ी है। डीजीपी ओपी सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए एसीपी का बचाव किया।
डीजीपी ने कहा, ‘बहादुरगढ़ में सब्जी वालों को सड़क से हटाने की कार्रवाई पर मैंने डीसीपी बहादुरगढ़ और सीपी झज्जर से बात की है। एसीपी दिनेश अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर हैं। दर्जनों मेडल जीतकर खेल कोटे से पुलिस में भर्ती हुए हैं। उनके सामने सड़क को सड़क रखने का काम था, जो मिला उसी से अतिक्रमण हटाने लगे। जब सब्जी की टोकरी पर बुलडोजर चले तो कहानी तो बननी ही थी। मैंने सीपी को कहा है कि फील्ड ऑफिसर को कैमरे से भरे वातावरण में अपना काम सावधानी से करने की ट्रेनिंग दिलाएं। पुलिस का काम ही कुछ ऐसा है।’ इसके साथ ही उन्होंने एक शायरी भी पोस्ट की है- मुख्तसर सी जिंदगी के अजीब से अफसाने हैं, यहां तीर भी चलाने हैं और परिंदे भी बचाने हैं।
डीसीपी बोले- इरादा सही, तरीका गलत
वहीं, मामला बढ़ने पर झज्जर के डीसीपी मयंक मिश्रा ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि पुलिस का इरादा सही था, लेकिन जो तरीका अपनाया गया था वह गलत हो गया। डीजीपी ने बताया कि एसीपी दिनेश को भविष्य में सतर्क रहने के लिए कहा गया है ताकि इस तरह की कोई भी घटना सामने न आए। पूरे मामले को लेकर हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने भी डीसीपी मयंक मिश्रा और एसीपी दिनेश से बात की थी।
एसीपी ने खुद शेयर किया वीडियो, विवाद बढ़ने पर हटाया
यह कार्रवाई बहादुरगढ़ के पटेल नगर में 200 फुटा रोड पर की गई थी। सोशल मीडिया पर बुलडोजर कार्रवाई का ये वीडियो खुद एसीपी दिनेश ने शेयर किया था। इस में वह बुलडोजर से रेहड़ी फड़ी वालों को सड़क किनारे से हटा रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा हो गया। लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे थे और एसीपी दिनेश और हरियाणा पुलिस की इस कार्रवाई को गरीबों पर जुल्म बता रहे थे। कांग्रेस ने भी इसे मुद्दा बना लिया। विवाद बढ़ने के बाद एसीपी दिनेश ने वीडियो हटा दिया लेकिन तब तक लाखों लोग इसे देख और साझा कर चुके थे।