Rajasthan News: चुनाव आयोग के दूसरे चरण के तहत राजस्थान, यूपी और मध्य प्रदेश समेत 12 राज्यों में एसआईआर करवाने की घोषणा के बाद फिर बवाल शुरू हो गया है. दूसरे चरण के एसआईआर के ऐलान के बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों के नेता सरकार पर एसआईआर को लेकर हमलावर हो गए हैं. मंगलवार को राजस्थान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने एसआईआर समेत तमात मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भाजपा सरकार पर SIR के ज़रिए राजस्थान में चुनाव टालने और वोट चोरी करने की तैयारी का आरोप लगाया. इस पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने डोटासरा पर पलटवार किया.
‘वोट चोरी करना भाजपा का असली मकसद’
डोटासरा ने कहा कि भाजपा की मंशा पंचायत और निकाय चुनावों को टालकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने की है. चुनाव आयोग ने यह निर्देश दिया था कि जहां चुनाव नहीं होने हैं, केवल वहीं SIR कराई जाए, लेकिन राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव होने हैं. इसके बावजूद राज्य सरकार ने चुनाव आयोग को लिखकर SIR कराने की मंजूरी मांगी है. भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए राजस्थान पीसीसी चीफ ने कहा कि इससे साफ है कि भाजपा का असली मकसद वोट चोरी करना और चुनावों को आगे बढ़ाना है.
SIR सिर्फ एक बहाना है, ताकि भाजपा को चुनाव न कराने का रास्ता मिल सके. बिहार में SIR के नाम पर 65 लाख वोट काटे गए थे और अब वैसा ही खेल राजस्थान में खेला जा रहा है. कांग्रेस पूरी तरह से सतर्क है.
‘वन स्टेट वन इलेक्शन का कोई अस्तित्व नहीं’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ का नारा सिर्फ पंचायत और निकाय चुनावों को टालने के लिए दिया गया है. ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ नाम की कोई चीज़ अस्तित्व में नहीं है. यह सिर्फ एक राजनीतिक बहाना है, ताकि भाजपा स्थानीय निकायों और पंचायतों को अपने नियंत्रण में रख सके. सरकार ने पंचायतों और निकायों को अधिकारियों के हवाले कर दिया है. अब उन निकायों को बजट का एक भी रुपया नहीं मिलेगा. सरकार ने ओबीसी आयोग को तीन महीने का समय दिया था, लेकिन रिपोर्ट अब तक नहीं आई है. जब तक यह रिपोर्ट नहीं आती, तब तक चुनाव नहीं कराए जाएंगे. जुलाई- अगस्त से पहले ये चुनाव कराए जाने की कोई संभावना नहीं है.
50 बार चुनी हुई सरकार बर्खास्त’
गोविंद सिंह बयानों पर पलटवार करते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि आपकी पार्टी (कांग्रेस) ने 50 बार हमारी चुनी हुई सरकार को बर्खास्त किया. कई बार बंगाल, 1992 में तो भारतीय जनता पार्टी की 5 प्रदेश में एक साथ सरकार बर्खास्त किया. एसआईआर मुद्दे पर बीजेपी प्रदेश प्रदेश ने जवाब दिया कि हर बार 18 वर्ष के नव जवान का नाम जोड़ा जाता है और जो मृतक है, उसका नाम काटा जाता है. और आपने तो कई बार वोट चोरी की है. बाबा साहब आंबेडर को किसने हराया, आप लोगों ने हराया. किस प्रकार से आप लोगों ने लिस्ट तैयार की. ये हिंदुस्तान कोई धर्मशाला नहीं है कि आपने बांग्लादेश और रोहिंग्या के लोगों को वोटर बना दिया, चुनाव जीतने के लिए. वे लोग यहां की जमीन को सुरक्षित रखने वाले नहीं हैं.