राजस्थान के बाड़मेर में भीषण अग्निकांड: एक ही कमरे में सो रहे 3 भाइयों की मौत

बाड़मेर। बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर में अचानक आग लगने से तीन चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। हादसे में दो भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने सोमवार शाम को जोधपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

यह हृदयविदारक घटना ग्रामीण थाना इलाके के जस्तानियों की ढाणी की है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात तीनों भाई एक ही कमरे में सोए हुए थे, तभी तड़के सुबह करीब पांच बजे अचानक कमरे में आग लग गई। दरवाजा बंद होने के कारण तीनों कमरे में ही फंस गए। धुआं और आग इतनी तेजी से फैली कि बच्चे बाहर निकल नहीं पाए।

गांव निवासी देवीलाल अपने रिश्तेदार के घर आए हुए थे। उनके साथ उनका इकलौता बेटा जसराज (20) और दो चचेरे भाई अरुण पुत्र शंकरलाल तथा राजूराम पुत्र पुरखाराम भी थे। तीनों युवक शनिवार रात साथ ही सो गए।

रविवार तड़के करीब पांच बजे अचानक कमरे में आग लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे तीनों भीतर ही फंस गए।

हादसे के दौरान अरुण और राजूराम की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों की अधजली लाशें कमरे के भीतर से बरामद की गईं। तीसरा भाई जसराज गंभीर रूप से झुलस गया, लेकिन किसी तरह हिम्मत जुटाकर वह जलते कमरे से बाहर निकल सका।

गंभीर रूप से झुलसे जसराज ने किसी तरह कमरे का दरवाजा खोला और बाहर निकलते ही अपने पिता देवीलाल के पास भागते हुए पहुंचा। उसने कांपती आवाज़ में कहा, “पापा, घर में आग लग गई…” इतना कहकर वह बेहोश होकर गिर पड़ा।

ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। आग पर काबू पाने के बाद ग्रामीणों ने जसराज को बाड़मेर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर एम्स रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार वह करीब 70 फीसदी तक झुलस गया था। सोमवार शाम करीब 6 बजे जसराज ने भी दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीना के निर्देश पर पुलिस, एफएसएल (Forensic Science Lab) और इलेक्ट्रिकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और जांच शुरू की।

एसपी मीना ने बताया कि “प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। हालांकि, सभी एंगल से जांच की जा रही है। घटना के सही कारण का पता एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।

तीनों युवकों की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरा इलाका शोक में डूब गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों का कहना है कि तीनों बच्चे आपस में बहुत घनिष्ठ थे और अक्सर साथ ही रहते थे। स्थानीय प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी गई और हादसे की पूरी जांच का आश्वासन दिया गया।