GST Council Meeting: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले के देशवासियों को दिवाली तोहफा देने की बात की. अब उस तोहफे की तैयारी शुरू हो चुकी है. जीएसटी स्लैब में बदलाव को आम लोगों को राहत देने की तैयारी जारी है. आज से जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक शुरू हो गई है. 3 और 4 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक होगी. इस बैठक में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर जीएसटी कटौती के अहम फैसले दिए जाएंगे.
आम आदमी को राहत
जीएसटी काउंसिल की बैठक में घी, मक्खन, टूथपेस्ट, शैंपू, पनीर, मिल्क पाउडर, सीमेंट से लेकर कार, ईवी जैसी चीजों पर टैक्स कटौती, स्लैब बदलाव के फैसले लिए जाएंगे. जिसकी वजह से घरेलू इस्तेमाल की चीजों की कीमत घटेगी. पीएम मोदी की अपील पर जीएसटी काउंसिल जीएसटी स्लैब को भी चार से घटाकर दो कर सकती है. माना जा रहा है कि सरकार 28 और 12 फीसदी टैक्स स्लैब को खत्म कर कर सकती है और सिर्फ दो 5 फीसदी और 18 फीसदी स्लैब होंगे.
किस स्लैब में कितने सामान
मौजूदा वक्त में 28 फीसदी वाले स्लैब में 30 सामान हैं तो वहीं 12 फीसदी वाले टैक्स स्लैब में 250 से अधिक चीजों को रखा गया है. इस टैक्स स्लैब के खत्म होने से इन चीजों की कीमतों में पर असर दिखेगा. माना जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल 223 आइटम्स को 5 फीसदी स्लैब में और बाकी को 18 फीसदी स्लैब में रख सकती है.
जीरो जीएसटी वाली चीजें
जीएसटी टैक्स स्लैब में कुछ वस्तुएं ऐसी भी होंगी, जिसपर टैक्स स्लैब जीरो हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो 47 आइटम ऐसे होने वाले हैं , जिन्हें जीरो टैक्स स्लैब के दायरे में रखा जा सकता है. माना जा रहा है कि रोजमर्रा की कुई चीजें हैं, जिन्हें जीरो टैक्स के दायरे में शामिल किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जरूरी वस्तुएं जैसे पनीर, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती और रोटी पर जीरो जीएसटी या अधिकतम 5 फीसदी जीएसटी लग सकता है. इसी तरह से स्टेशनरी, मेडिकल इक्व्यूपमेंट्स और दवाइयों को भी टैक्स के दायरे से बाहर या 5 फीसदी के दायरे में लाया जा सकता है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की गई लेकिन माना जा रहा है कि जीएसटी स्लैब में बदलाव कर चीजों को सस्ता किया जा सकता है, ताकि आम लोगों को राहत मिले.