शेडयूल जारी होने के बाद नहीं बनेंगे वोट, हिमाचल में इलेक्शन से पहले बदले शहरी निकाय चुनाव नियम

शहरी निकायों में चुनाव से ठीक पहले हिमाचल सरकार ने म्युनिसिपल इलेक्शन रूल्स में बदलाव किया है। इसकी फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल इलेक्शन रूल्स 2015 में रूल नंबर 9, 27, 28 और 88 में संशोधन किया है। डी-लिमिटेशन के लिए भी अब डीसी की ओर से फाइनल पब्लिकेशन जरूरी हो गई है। नॉमिनेटेड पार्षदों के लिए रूल नंबर 88 में संशोधन हुआ है। शहरी विकास विभाग ने इन बदलावों पर आपत्तियां और सुझाव देने के लिए दस दिन का समय लोगों को दिया था।

इसके बाद अब इन नियमों को फाइनल कर दिया है। परिसीमन की प्रक्रिया में यह बदलाव किया है कि संबंधित शहरी निकाय में कॉपी लगाने के साथ-साथ संबंधित जिला के जिलाधीश को फार्म 2ए भी भरकर देना होगा। रूल 27 में मतदाता सूची को लेकर बदलाव किया है। इसमें यह कहा गया है कि इलेक्शन प्रोग्राम घोषित होने के बाद कोई नया आवेदन नहीं दिया जा सकेगा।

चुने हुए पार्षदों के साथ शपथ लेंगे नॉमिनेट पार्षद

रूल 28 में बदलाव किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद किसी का नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़ा जा सकेगा। एक बड़ा बदलाव रूल 88 में भी है। इसके अनुसार अब शहरी निकायों में चुने हुए पार्षदों के साथ राज्य सरकार द्वारा नॉमिनेट किए गए पार्षद भी शपथ ले सकेंगे। बशर्ते कि इनका नॉमिनेशन सरकार के राजपत्र में उस डेट से पहले छप गया हो। हिमाचल में इसी साल के अंत में शहरी निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। हालांकि इसको लेकर अभी राज्य सरकार ने डिजास्टर एक्ट लगा रखा है और राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की डेडलाइन को देख रहा है।