प्रयागराज। भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए एक से बढ़कर एक नवाचार कर रहा है। रेल कोच रेस्टोरेंट के बाद अब बारी है ट्रेन के इंजन यानी लोकोमोटिव को रेस्टोरेंट में बदलने की।
देश का सबसे पहला ‘लोको रेस्टोरेंट’ प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर खुलने वाला है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल का यह पायलट प्रोजेक्ट इसी महीने टेंडर निकालने के बाद शुरू होगा।
10 साल के लिए लाइसेंस वाला यह रेस्टोरेंट स्टेशन के मुख्य एंट्री गेट के बिल्कुल पास बनेगा, जहां यात्री और आसपास के लोग साफ-सुथरा, हाई क्वालिटी वाला लजीज व्यंजन का स्वाद ले सकेंगे।
सोचिए, जो पुराना लोकोमोटिव कभी ट्रेनों को दौड़ाता था, अब वह चमचमाता रेस्टोरेंट बनकर उत्तर भारतीय थाली से लेकर फास्ट फूड तक सब परोसेगा। डाइन-इन की शानदार सुविधा के साथ ऑनलाइन एप या पोर्टल से घर बैठे ऑर्डर करके डिलीवरी भी मिलेगी।
डीआरएम रजनीश अग्रवाल व सीनियर डीसीएम हरिमोहन का नवाचार जल्द आकार ले सकता है। वह बताते हैं कि यह आइडिया पुराने लोको को रिसाइकल करके पर्यावरण बचाने के साथ-साथ रोजगार पैदा करेगा और यात्रियों का इंतजार मजेदार बना देगा। प्रयागराज छिवकी स्टेशन, जो हावड़ा-दिल्ली मुख्य लाइन पर है अब एक नया टूरिस्ट स्पॉट बनेगा।