Trump administration denied visas restrictions UNGA Meet: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की हाई-लेवल बैठक के लिए कई देशों के प्रतिनिधियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है. इस महीने होने वाली इस बैठक में फिलिस्तीनी नेता महमूद अब्बास और उनके बड़े प्रतिनिधिमंडल को पहले ही वीजा देने से मना कर दिया गया है. अब ट्रंप प्रशासन ईरान, सूडान, जिम्बाब्वे और चौंकाने वाली बात है कि ब्राजील जैसे देशों पर भी सख्ती करने की सोच रहा है. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग के एक आंतरिक मेमो से मिली है.
ईरान पर सख्त नजर
ईरानी राजनयिकों की न्यूयॉर्क में गतिविधियां पहले से ही सीमित हैं. अब एक प्रस्ताव के तहत उन्हें Costco और Sam’s Club जैसे बड़े थोक स्टोर्स में खरीदारी करने से रोका जा सकता है, बिना विदेश विभाग की विशेष अनुमति के. ये स्टोर ईरानी राजनयिकों के लिए पसंदीदा हैं, क्योंकि वे सस्ते दामों पर सामान खरीदकर अपने आर्थिक रूप से अलग-थलग देश भेजते हैं. मेमो के मुताबिक, विदेश विभाग सभी विदेशी राजनयिकों के लिए थोक क्लब की सदस्यता पर शर्तें लागू करने पर विचार कर रहा है.
ब्राजील पर क्यों सख्ती?
ब्राजील का मामला हैरान करने वाला है, क्योंकि यह देश यूएनजीए में पारंपरिक रूप से सम्मानित स्थान रखता है. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा आमतौर पर सत्र के पहले दिन बोलने वाले पहले विश्व नेता होते हैं. लेकिन ट्रंप प्रशासन लूला की सरकार से नाराज है, क्योंकि उन्होंने ट्रंप के दोस्त और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो पर तख्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया है. यह स्पष्ट नहीं है कि ये प्रतिबंध लूला पर लागू होंगे या ब्राजील के निचले स्तर के प्रतिनिधियों पर.
सूडान और जिम्बाब्वे भी निशाने पर
मेमो में सूडान और जिम्बाब्वे के प्रतिनिधिमंडलों पर भी प्रतिबंध लगाने की बात है, लेकिन इनके लिए खास नियमों का जिक्र नहीं किया गया.
सीरिया की मौज
दूसरी ओर, सीरिया को राहत दी गई है. पिछले हफ्ते सीरिया के प्रतिनिधिमंडल को यात्रा प्रतिबंधों से छूट दी गई, क्योंकि ट्रंप प्रशासन पिछले साल बशर असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया के साथ संबंध सुधारना चाहता है.
भारत के साथ क्या हुआ?
भारत को लेकर ट्रंप सरकार ने अभी तक कोई फैसला न किया है, न कोई बात उठी है. हां ये जरूर सच है कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में व्यापार और वीजा नीतियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगा दिया है, क्योंकि भारत रूस से तेल और हथियार खरीद रहा है. इसके अलावा, H1B और स्टूडेंट वीजा पर सख्ती से लाखों भारतीय प्रभावित हुए हैं. ट्रंप ने भारत पर व्यापार असंतुलन का आरोप लगाया है, दावा करते हुए कि भारत अमेरिका से कम सामान खरीदता है, जबकि अमेरिकी बाजार में ज्यादा बेचता है. भारत ने जवाब में कूटनीतिक रास्ता चुना है, न कि टैरिफ से जवाब देने का. साथ ही, भारत ने अवैध प्रवासियों को वापस लेने और अमेरिका से तेल आयात के संकेत दिए हैं. यानी अभी तक इस मामले में भारत पूरी तरह सुरक्षित है.
राष्ट्रीय सुरक्षा का दावा
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं. ट्रंप ने पहले भी अपने कार्यकाल में कई मुस्लिम-बहुल देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी. हालांकि, इन नए प्रतिबंधों को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. प्रभावित देशों ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.