मुजफ्फरनगर जनपद के वसुंधरा रेजीडेंसी में मकान में गैस सिलिंडर फटने से कानूनगो अमित गौड़ (48), उनके भाई नितिन गौड़ उर्फ कन्हैया (43) और मां सुशीला देवी (70) की मौत होने की जानकारी शामली में मिली तो परिवार में गम का माहौल बन गया। मोहल्ले में शोक छा गया। आसपास के लोगों व परिचितों ने उनके आवास पर पहुंचकर हादसे की जानकारी ली और दुख व्यक्त किया। परिजन मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए।
शामली के मोहल्ला मलूकशाह गांधी चौक निवासी अमित गौड़ अपनी पत्नी व दो बेटियों के साथ मुजफ्फरनगर में किराये के मकान में रहते थे। अमित के तहेरे भाई देवानंद गौड़ ने बताया कि अमित गौड़ व नितिन उर्फ कन्हैया दो भाई थे। नितिन अविवाहित थे। उनके पिता राममोहन गौड़ पूर्व में शामली तहसील में अमीन थे। करीब 12 साल पहले उनका हार्ट अटैक से निधन हो गया था।
मृतक आश्रित में उन्हें शामली तहसील में अमीन के पद पर नौकरी मिली थी। इसके बाद वे बुढ़ाना तहसील में तैनात रहे। करीब डेढ़ साल पहले कानूनगो बनने पर अमित गौड़ वर्तमान में देवबंद तहसील में नियुक्त थे। देवानंद गौड़ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें तो यकीन नहीं हो रहा कि इस तरह से अचानक उनकी चाची व दो चचेरे भाइयों का निधन हो गया।
हादसे के बाद 10 सेकंड की सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुई है। इसमें कुछ लोग मुख्य मार्ग से गुजरते हुए दिखाई दे रहे हैं। अचानक धमाका होता है तो वह इधर-उधर दौड़ने लगते हैं। इसके बाद आग की लपटें नजर आती हैं। बाइक सवार भी यहां से तेजी से गुजर जाता है।
जलने से हुई महिला की मौत
सीएफओ अनुराग कुमार ने बताया कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि महिला की मौत जलने से हुई है। जबकि दूसरे कमरे में दोनों भाइयों की मौत धुएं में दम घुटने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
कानूनगो अमित गौड़ की करीब एक साल से तबियत चल रही थी खराब
देवानंद गौड़ ने बताया कि कानूनगो अमित गौड़ की करीब एक साल से तबियत खराब चल रही थी। उनका उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा था। उनकी चाचाी सुशीला व चचेरा भाई नितिन करीब एक माह पहले ही अपने घर पर ताला लगाकर अमित के पास गए थे। एक सप्ताह पहले दोनों एक रात के लिए अपने घर पर आए थे और फिर चले गए थे। उन्हें क्या पता था कि अब वे शामली में फिर वापस नहीं आएंगे और हमेशा के लिए इस तरह चले जाएंगे।
वसुंधरा रेजीडेंसी में किस समय क्या हुआ
समय रेजीडेंसी में क्या हआ
04:30 : ऋचा बेटियों के साथ घूमने चली गई।
04:48 : मकान से धुआं निकलता दिखा।
04:54 : मकान में धमाका हुआ।
04:56 : लोगों की भीड़ जुटनी शुरू।
04:58 : दमकल विभाग को सूचना।
05:08 : दमकल विभाग की टीम पहुंची।
06:00 : आग बुझाई, मकान में शव मिले।
07:20 : डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे।
रसोई गैस सिलिंडर का रख-रखाव और उपयोग की सावधानियां
– सिलिंडर हमेशा खुली और हवादार जगह पर रखें।
-सिलिंडर को हमेशा सीधा (खड़ा) रखें, सीधी धूप से बचाएं।
-सिलिंडर को चूल्हे, बिजली के स्विच, सॉकेट से दूर रखें।
-मोटी और अच्छी गुणवत्ता वाली पाइप का इस्तेमाल करें।
-खाना पकाने के बाद हमेशा सिलिंडर का रेगुलेटर बंद करें।
-गैस चालू होने पर किचन के स्विच ऑन और ऑफ न करें।
-नया सिलिंडर आने पर साबुन के झाग से लीकेज की जांच करें।
-दो साल में एक बार प्रशिक्षित मैकेनिक से इंस्टॉलेशन की जांच कराएं।
गैस गीजर लगाने पर बरतें सावधानियां
-गीजर को बाथरूम के बाहर लगाएं, खिड़की खुली रखें।
-गैस की गंध आने पर तुरंत गीजर बंद करें और खिड़कियां खोल दें।
-गीजर चालू करते समय कोई स्विच न दबाएं। .
-एलपीजी सिलिंडर को बाथरूम के बाहर रखें।
सर्दी में अंगीठी नहीं जलानी चाहिए
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि सर्दी से बचाव के लिए कुछ लोग अंगीठी जलाकर कमरा बंद कर लेते हैं। अंगीठी नहीं जलानी चाहिए। अगर कोई अंगीठी जला रहा है तो कमरा खुला रखें। अंगीठी से निकली गैस व आग की कई घटनाएं हो चुकीं।